Gutka and Pan Masala Bans in Telangana: तेलंगाना सरकार ने तंबाकू, गुटखा और पान मसाला पर बैन लगा दिया है। यह बैन 24 मई, 2024 से एक साल की अवधि के लिए लगाया गया है। यह प्रतिबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में लगाया गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगा दी गई है। जारी आदेश में कहा गया है कि गुटखा और पान मसाला जो पाउच या पैकेट में पैक किए जाते हैं, 24 मई, 2024 से एक साल की अवधि के लिए पूरे तेलंगाना राज्य में बैन हैं।
आदेश में कहा गया है कि बैन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और यह एक साल तक रहेगा। इस निर्णय का उद्देश्य तंबाकू और निकोटीन की खपत पर अंकुश लगाना है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त के आदेश के अनुसार, यह आदेश निषेध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत लागू किया जाएगा।
न्यूज 18 के मुताबिक, आदेश में कहा गया है कि तंबाकू और निकोटीन जनता के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जोखिम पैदा करते हैं। साल 2014 में भी तेलंगाना की स्थापना के बाद से राज्य में गुटखा पर बैन लगा दिया गया था। नवंबर 2021 में तेलंगाना हाई कोर्ट ने बैन को बरकरार रखा था।
प्रतिबंध को गुटखा कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसने मार्च 2022 में प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना पर रोक लगा दी थी। सितंबर 2022 में तेलंगाना हाई कोर्ट ने अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट की रोक लागू रहने तक कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने से रोक दिया।
राज्य ने फिर जनवरी 2023 में गुटखा पर बैन लगाने की अधिसूचना जारी की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर भी रोक लगा दी। ऐसे में देखना होगा कि नए प्रतिबंध को कैसे लागू किया जाता है। गुटका और पान मसाला के सेवन से जुड़े गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। गुटखा अक्सर मौखिक कैंसर, मौखिक सबम्यूकस फाइब्रोसिस और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े होते हैं।