Gyanvapi Masjid Case: उत्तर प्रदेश में वाराणसी (Varanasi) की एक अदालत ने शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर (kashi vishwanath temple) के नजदीक मां श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) मामले में हिंदू पक्ष की मांग को स्वीकार कर लिया है और पूरे ज्ञानवापी परिसर की पुरातात्विक और वैज्ञानिक सर्वे (ASI Survey) कराने की अनुमति दी है। ज्ञानवापी और आदि विश्वेश्वर मामलों के विशेष अधिवक्ता राजेश मिश्रा ने बताया कि वाराणसी के जनपद न्यायाधीश ए के विश्वेश ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया।
मिश्रा ने बताया कि ए के विश्वेश की अदालत ने हिंदू पक्ष की याचिका को स्वीकार करते हुए ज्ञानवापी मस्जिद के वैज्ञानिक सर्वे (Scientic Survey) की अनुमति दी है।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा, "कोर्ट ने एएसआई सर्वेक्षण के लिए हमारे प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया गया है। यह मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।"
ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा, "हमारा कहना था कि उस पूरे क्षेत्र का ASI द्वारा सर्वेक्षण करना चाहिए। आज कोर्ट ने हमारे उस आवेदन पर सहमति दे दी है और अब ASI ही इस मामले की दिशा और दशा को निर्धारित करेगा। शिवलिंग का सर्वेक्षण नहीं होगा। उसका मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है जिसकी अगली सुनवाई 29 अगस्त को है। मगर शिवलिंग को छोड़कर पूरे परिसर का सर्वे होगा।"
विश्वेश की अदालत ने पूरे ज्ञानवापी परिसर की पुरातात्विक और वैज्ञानिक जांच कराने की मांग से जुड़े मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आज (21 जुलाई) के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मामले में हिंदू पक्ष की तरफ से दायर याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को पूरे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
मुस्लिम पक्ष ने यह कहते हुए याचिका का विरोध किया था कि एएसआई सर्वेक्षण से परिसर को नुकसान हो सकता है।