Gyanvapi Row: सीएम योगी का बड़ा बयान, 'ज्ञानवापी को अगर मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा, वहां त्रिशूल क्या कर रहा है?'

Gyanvapi Row: सीएम ने कहा है कि ज्ञानवापी को अगर मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा। उन्होंने साफ शब्‍दों में कहा क‍ि मुझे लगता है क‍ि भगवान ने ज‍िसे दृष्टि दी है वो जाकर खुद देखे। मस्‍ज‍िद के अंदर त्र‍िशूल क्‍या कर रहा है? हमने तो नहीं रखे। ज्ञानवापी के अंदर ज्योतिर्लिंग हैं... देव प्रत‍िमाएं हैं। पूरी दीवारें च‍िल्‍ला च‍िल्‍ला के क्‍या कह रही हैं। योगी ने कहा कि मुस्लिम पक्ष की ओर से एक प्रस्ताव आना चाहिए कि एक ऐतिहासिक गलती हुई है, जिसके समाधान की आवश्यकता है

अपडेटेड Jul 31, 2023 पर 2:25 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Gyanvapi Row: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ज्ञानवापी सर्वेक्षण मामले में सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है

Gyanvapi Masjid Row: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने एक इंटरव्यू में वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर एक बहुत ही बड़ा बयान दिया है। सीएम ने कहा है कि ज्ञानवापी को अगर मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा। सीएम योगी ने साफ शब्‍दों में कहा क‍ि मुझे लगता है क‍ि भगवान ने ज‍िसे दृष्टि दी है वो जाकर खुद देखे। मस्‍ज‍िद के अंदर त्र‍िशूल क्‍या कर रहा है? हमने तो नहीं रखे न। ज्ञानवापी के अंदर ज्योतिर्लिंग हैं... देव प्रत‍िमाएं हैं। पूरी दीवारें च‍िल्‍ला च‍िल्‍ला के क्‍या कह रही हैं। योगी ने कहा कि मुस्लिम पक्ष की ओर से एक प्रस्ताव आना चाहिए कि एक ऐतिहासिक गलती हुई है, जिसके समाधान की आवश्यकता है।

न्यूज एजेंसी ANI की संपादक स्मिता प्रकाश के साथ पॉडकास्ट पर दिए गए बयान में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहली बार ज्ञानवापी मुद्दे पर दो टूक शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की ओर से ज्ञानवापी विवाद का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हम इस मामले का समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज से ऐतिहासिक गलती हुई है, इसलिए इसके समाधान के लिए मुस्लिम समाज को आगे आना चाहिए। उन्होंने पूछा कि ज्ञानवापी अगर मस्जिद है तो वहां त्रिशूल क्या कर रहा था?

इंटरव्यू के दौरान सीएम योगी से पूछा गया कि ज्ञानवापी-काशी विश्वनाथ मंदिर विवाद का कोई समाधान है? इस पर सीएम योगी ने कहा, "अगर हम उसको (ज्ञानवापी) मस्जिद कहेंगे तो फिर विवाद होगा। मुझे लगता है क‍ि भगवान ने ज‍िसको दृष्टि दी है वो देखे ना...। त्र‍िशूल मस्‍ज‍िद के अंदर क्‍या कर रहा है? हमने तो नहीं रखे न...। ज्योतिर्लिंग हैं (ज्ञानवापी के अंदर)... देव प्रत‍िमाएं हैं। पूरी दीवारें च‍िल्‍ला च‍िल्‍ला के क्‍या कह रही हैं? और मुझे लगता है कि मुस्लिम पक्ष की ओर से एक प्रस्ताव आना चाहिए कि एक ऐतिहासिक गलती हुई है, जिसके समाधान की आवश्यकता है।"


3 अगस्त को आएगा ज्ञानवापी मामले का फैसला

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ज्ञानवापी सर्वेक्षण मामले में सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अदालत तीन अगस्त को निर्णय सुनाएगी। तब तक ASI सर्वेक्षण पर लगी रोक बरकरार रहेगी। सुनवाई के दौरान ASI के अधिकारी ने कहा कि काल निर्धारण और पुरातत्विक गतिविधियों से जुड़ी किसी गतिविधि को उत्खनन कहा जाता है, लेकिन हम स्मारक के किसी हिस्से की खुदाई (डिगिंग) करने नहीं जा रहे।

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने फैसला सुरक्षित किए जाने के बाद अदालत के बाहर पत्रकारों को बताया, "मुस्लिम पक्ष के वकील ने दलील दी थी कि साक्ष्य एकत्रित करने के लिए विशेषज्ञ नहीं भेजा जा सकता, लेकिन हमने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि विशेषज्ञ भेजा जा सकता है।" जैन ने बताया कि ASI ने अपने हलफनामे में कहा है कि यह पूरी प्रक्रिया हम ढांचे को क्षति पहुंचाए बगैर करेंगे।

ये भी पढ़ें- Per Capita Income: साल 2023 तक 70% बढ़ जाएगी भारतीयों की कमाई, 4000 डॉलर होगी प्रति व्यक्ति आय

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को पूरी तरह से सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता अजय मिश्रा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार है और सर्वेक्षण को लेकर कोई चिंता नहीं है। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि एक तार्किक परिणाम पर पहुंचने के लिए अदालत ने ASI सर्वेक्षण का आदेश पारित किया जोकि आवश्यक है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।