Hajj Yatra 2023: मोदी सरकार ने क्यों खत्म किया हज का 'VIP कोटा'? यहां जानें सभी डिटेल्स

Hajj Yatra 2023: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हज कमेटी और हज यात्रा को लेकर UPA सरकार के समय VIP कल्चर स्थापित किया गया था। इसके अंतर्गत संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के पास हज का स्पेशल कोटा होता था

अपडेटेड Jan 13, 2023 पर 8:34 AM
Hajj Saudi Arabia: सऊदी अरब ने इस साल हज जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या और उम्र से जुड़ी पाबंदियों को हटा दी है

Hajj Yatra 2023: केंद्र सरकार ने हज में ‘वीआईपी कोटा (VIP Haj Quota)’ खत्म करने का फैसला किया है ताकि देश के आम लोगों को इससे फायदा हो और इस धार्मिक यात्रा में ‘वीआईपी कल्चर’ खत्म हो। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने कहा, "यह (हज में वीआईपी कोटा खत्म करने का) फैसला हो चुका है। प्रधानमंत्री जी ने अपने कार्यकाल के पहले दिन ही VIP कल्चर खत्म करने का संकल्प राष्ट्र के समक्ष प्रस्तुत किया था।" ईरानी ने कहा कि यह फैसला 'VIP कल्चर' को समाप्त करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के तहत लिया गया है।

ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हज कमेटी और हज यात्रा को लेकर UPA सरकार के समय वीआईपी कल्चर स्थापित किया गया था। इसके अंतर्गत संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के पास हज का स्पेशल कोटा होता था। उन्होंने आगे कहा कि अब प्रधानमंत्री जी ने अपना कोटा राष्ट्र को समर्पित किया ताकि इसमें VIP कल्चर नहीं रहे और आम हिंदुस्तानी को सुविधा मिले।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी, उप राष्ट्रपति और मैंने भी अपना कोटा छोड़ा है। हमने हज कमेटी से चर्चा की कि आप वीआईपी कल्चर छोड़ दें और कोटा समाप्त कर दें। सभी राज्यों की हज कमेटियों ने इसका समर्थन किया। उधर, हज कमेटी के सूत्रों ने बताया कि मंत्री की इस घोषणा के बाद अगले कुछ दिनों के भीतर इस फैसले से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।


क्या है VIP कोटा?

दरअसल, 'वीआईपी कोटे' के तहत राष्ट्रपति के पास 100 हजयात्रियों का कोटा होता था। वहीं, प्रधानमंत्री के पास 75, उपराष्ट्रपति के पास 75 और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री के पास 50 का कोटा होता था। इसके अतिरिक्त हज कमेटी के सदस्यों/पदाधिकारियों के पास 200 हजयात्रियों का कोटा होता था।

हज कमेटी के सूत्रों ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने गत 14 नवंबर को एक पत्र लिखकर हज में ‘वीआईपी कोटा’ खत्म करने से जुड़े फैसले की जानकारी दी थी। उसने कहा था कि हज कमेटी के 200 हजयात्रियों के कोटे को सामान्य कोटे के साथ शामिल किया जाए। हज के लिए भारत का कोटा करीब दो लाख हजयात्रियों का है।

175,000 भारतीय हज यात्रा पर जाने को तैयार

ईरानी ने कहा है कि इस साल 1 लाख 75 हजार से ज्‍यादा भारतीय हज यात्रा पर जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि भारत ने सऊदी अरब के साथ हज 2023 को लेकर द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। एक ट्वीट में ईरानी ने कहा कि पिछले दो महीने में उनके मंत्रालय ने सभी पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी हज नीति 2023 की घोषणा अगले कुछ दिनों में करेगा।

ईरानी ने भारत का हज कोटा बढाकर 1,75,025 किए जाने पर सऊदी अरब का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार इस साल की सफल हज यात्रा के लिए अपना पूरा सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन अप्लाई के लिए हज कमेटी का पोर्टल खुला रहेगा।

ये भी पढ़ें- Hajj Yatra 2023: इस साल 175,000 से अधिक भारतीय हज यात्रा पर जाने को तैयार, जानें अप्लाई करने का आसान तरीका

भारत ने 2023 में हज यात्रा के लिए सऊदी अरब के साथ एक वार्षिक समझौता किया है। समझौता की वजह से इस साल 1,75,025 भारतीय हज यात्रा में भाग ले सकेंगे। इसमें भारतीय हज मिशन और भारत के निजी समूहों के लिए स्लॉट शामिल हैं। पिछले साल कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण केवल 79,237 भारतीयों को तीर्थ यात्रा की अनुमति दी गई थी। जबकि 2020 में यह 1.24 लाख थी। 2019 से पहले यह संख्या 1.4 लाख थी।

सऊदी ने नियमों में किया बदलाव

सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने इस साल हज यात्रा (Hajj Yatra 2023 Rules) पर जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या पर कोई सीमा तय नहीं करने का फैसला किया है। साथ ही हज के लिए उम्र की सीमा भी हटा दी गई है। यानी अब हर उम्र का शख्स हज यात्रा पर जा सकेगा। एक बयान में कहा गया है कि सऊदी अरब ने 2023 में उन सभी प्रतिबंधों को हटा दिया है जो उसने दो साल पहले 2020 में कोरोना महामारी के चलते लगाए थे। इसका मतलब है कि हज यात्रा का आने वाला सीजन महामारी से पहले जैसा होगा।

सऊदी के हज और उमरा मंत्रालय ने 9 जनवरी को ट्विटर पर यह घोषणा करते हुए कहा, '1444H में हज तीर्थयात्रियों की संख्या आयु प्रतिबंधों के बिना कोरोना महामारी से पहले जैसी स्थिति में आ जाएगी।' 2019 में दुनियाभर के करीब 25 लाख लोगों ने पवित्र हज यात्रा की थी। इसके बाद अगले दो सालों में कोरोना महामारी के कारण संख्या में भारी कमी आई।

2022 में लगभग 900,000 तीर्थयात्रियों (जिनमें विदेश से लगभग 780,000 शामिल थे) का इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों मक्का और मदीना में स्वागत किया गया। कोरोना काल में केवल वही लोग हज कर सकते थे, जो सऊदी अरब के मूल निवासी हों और जिनकी उम्र 20 से 50 साल के बीच हो। अब सऊदी ने सभी प्रतिबंधों को हटा दिया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।