सूरज पाल उर्फ 'नारायण साकार हरि' उर्फ 'भोले बाबा'.. जिनके सत्संग में मची भगदड़ 121 लोगों की जान ले गई। ये स्वयंभू धर्मगुरु खुद दावा करता है कि वो पहले यूपी पुलिस में था, उसने इंटेलिजेंस यूनिट में काम किया है और नौकरी के दौरान उसे ईश्वर के दर्शन हुए, तो 1990 में नौकरी छोड़ आध्यत्म का रास्ता अपना लिया है। हालांकि, अब उसके दावे और हकीकत दोनों ही चर्चाओं में हैं। ऐसा बताया जाता है कि बाबा के कमरे में केवल सुंदर लड़कियों को ही जाने की मंजूरी थी। इसी बाबा पर गांव में जमीनों पर कब्जा कर उन पर आश्रम बनाने का भी आरोप है। इससे भी चौंकाने वाली बात ये है कि 'भोले बाबा' 23 साल पहले गिरफ्तार भी हो चुके हैं, क्योंकि उन्होंने एक मर चुकी लड़की को जिंदा करने का दावा किया।
