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हाथरस भगदड़: 24 साल पहले गिरफ्तार हुआ था 'भोले बाबा' मरी हुई लड़की को जिंदा करने का किया दावा! कमरे में सिर्फ लड़कियों को मिलती थी एंट्री

Hathras Stampede: ऐसा बताया जाता है कि बाबा के कमरे में केवल सुंदर लड़कियों को ही जाने की मंजूरी थी। इसी बाबा पर गांव में जमीनों पर कब्जा कर उन पर आश्रम बनाने का भी आरोप है। इससे भी चौंकाने वाली बात ये है कि 'भोले बाबा' 23 साल पहले गिरफ्तार भी हो चुके हैं, क्योंकि उन्होंने एक मर चुकी लड़की को जिंदा करने का दावा किया

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 03, 2024 पर 6:44 PM
हाथरस भगदड़: 24 साल पहले गिरफ्तार हुआ था 'भोले बाबा' मरी हुई लड़की को जिंदा करने का किया दावा! कमरे में सिर्फ लड़कियों को मिलती थी एंट्री
हाथरस भगदड़: 24 साल पहले गिरफ्तार हुआ था 'भोले बाबा' मरी हुई लड़की को जिंदा करने का किया दावा!

सूरज पाल उर्फ ​​'नारायण साकार हरि' उर्फ 'भोले बाबा'.. जिनके सत्संग में मची भगदड़ 121 लोगों की जान ले गई। ये स्वयंभू धर्मगुरु खुद दावा करता है कि वो पहले यूपी पुलिस में था, उसने इंटेलिजेंस यूनिट में काम किया है और नौकरी के दौरान उसे ईश्वर के दर्शन हुए, तो 1990 में नौकरी छोड़ आध्यत्म का रास्ता अपना लिया है। हालांकि, अब उसके दावे और हकीकत दोनों ही चर्चाओं में हैं। ऐसा बताया जाता है कि बाबा के कमरे में केवल सुंदर लड़कियों को ही जाने की मंजूरी थी। इसी बाबा पर गांव में जमीनों पर कब्जा कर उन पर आश्रम बनाने का भी आरोप है। इससे भी चौंकाने वाली बात ये है कि 'भोले बाबा' 23 साल पहले गिरफ्तार भी हो चुके हैं, क्योंकि उन्होंने एक मर चुकी लड़की को जिंदा करने का दावा किया।

India Today ने साल 2000 की एक FIR के हवाले से बताया कि 23 साल पहले नारायण साकार हरि को आगरा में गिरफ्तार किया गया था। उसने ये दावा किया था कि उसके पास अपनी गोद ली हुई बेटी को जिंदा करने की जादुई शक्तियां हैं।

अपनी ही बेटी को जिंदा करने का दावा!

FIR की डिटेल से पता चलता है कि सूरज पाल पर साल 2000 में ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 के तहत आरोप लगाया गया था, जब वो आगरा में रहते थे। इसका खुलासा तब हुआ, जब श्मशान घाट पर उनके ही कई अनुयायियों ने हंगामा कर दिया, जिसके बाद उन्हें छह और लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था।

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