Heat Stroke: देश के ज्यादातर हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। ऐसे में कई इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। लू के थपेड़ों से लोग झुलस रहे हैं। इस मुंबई महानगर पालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation –BMC) ने हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी अन्य घटनाओं से बचने के लिए गाइडलाइंस जारी किया है। 16 अप्रैल को नवी मुंबई में महाराष्ट्र भूषण (Maharashtra Bhushan) कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिससे लू लगने और डिहाइड्रेशन (sunstroke and dehydration) से 13 लोगों की मौत हो गई। यह कार्यक्रम नवी मुंबई के खारघर में खुले मैदान में आयोजित किया गया था। इसमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया था।
हीटस्ट्रोक की वजह से उसी दिन 600 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सरकारी आंकड़ों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 9 साल में हीटवेव यानी लू लगने से 31 लोगों की मौत हो गई है। लू के थपेड़ों का असर सबसे ज्यादा उत्तरी महाराष्ट्र (Northern Maharashtra), विदर्भ (Vidarbha), मराठवाड़ा (Marathwada), रायगढ़ (Raigad) और राज्य के तटीय हिस्से में रहने वाले लोगों पर पड़ा है।
भीषण गर्मी को देखते हुए मुंबई महानगर पालिका ने मुंबईकरों को गर्मी से बचने ते लिए गाइडलाइंस जारी की है। इसमें BMC ने कहा कि लोग खुद को हाइड्रेट रखें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। घर से बाह निकलते समय चश्मा, छाता या टोपी लगाएं। जूते या चप्पलों का इस्तेमाल करे। यात्रा के दौरान अधिक से अधिक पानी पिएं और अपने साथ प्याज रखें। शराब, चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक के अधिक सेवन से बचें। इससे डिहाइड्रेशन के शिकार हो सकते हैं। हाई प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। छोटे बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहन में कभी न छोड़ें। कमजोरी या बीमारी महसूस होने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करें। घर में बने तरल पदार्थ (liquids) जैसे लस्सी (दही का पेय), चावल का पानी, नींबू का रस, छाछ, नारियल पानी आदि का नियमित रूप से सेवन करते रहें। ऐसे करने से आप हाइड्रेट रहेंगे। रात में खिड़कियां खुली रखें।
लू लगने पर ठंडे स्थान पर रहना चाहिए। स्पंज के जरिए व्यक्ति के शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें। व्यक्ति की बॉडी का तापमान कम करने के लिए उसके सिर पर एक सामान्य तापमान का पानी डालें। व्यक्ति को ORS, चावल का पानी, नींबू पानी या जौ का पानी भी दे सकते हैं। व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराएं। यह एक जानलेवा हो सकता है। लिहाजा किसी भी तरह की कोताही न बरतें।