Heat Wave Deaths: जानलेव गर्मी! लू से देशभर में 110 लोगों की मौत, 40,000 से ज्यादा हीट स्ट्रोक के आए केस

Heat Wave: भारत में अब तक हीटस्ट्रोक यानी लू लगने से 110 लोगों की मौत हो चुकी है और 36 मौतों के साथ उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। इसके बाद बिहार, राजस्थान और ओडिशा हैं। हालांकि, असल आंकड़ा बहुत ज्यादा होने की संभावना है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में गर्मी के कारण हुईं मौतों की अक्सर कम रिपोर्ट की जाती है

अपडेटेड Jun 20, 2024 पर 3:26 PM
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Heat Wave Deaths: जानलेव गर्मी! लू से देशभर में 110 लोगों की मौत (FILE PHOTO-PTI)

भारत भर में भीषण गर्मी का कहर जारी है और कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को सभी केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में स्पेशल हीटवेव यूनिट बनाने का निर्णय लिया। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लू की स्थिति की समीक्षा की और केंद्र सरकार के अस्पतालों की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अस्पताल हीटवेव से प्रभावित लोगों को सबसे बेहतर संभव स्वास्थ्य सेवा देने के लिए तैयार रहें।

News18 ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से बताया, भारत में अब तक हीटस्ट्रोक यानी लू लगने से 110 लोगों की मौत हो चुकी है और 36 मौतों के साथ उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। इसके बाद बिहार, राजस्थान और ओडिशा हैं। हालांकि, असल आंकड़ा बहुत ज्यादा होने की संभावना है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में गर्मी के कारण हुईं मौतों की अक्सर कम रिपोर्ट की जाती है।

CNN ने मई के आखिर में दिल्ली-NCR, बिहार झारखंड और राजस्थान में 24 लोगों की मौत की जानकारी दी थी। इसमें उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में कम से कम 33 चुनाव कर्मियों की मौत की भी खबर है। एक अन्य रिपोर्ट में 31 मई को 24 घंटे के भीतर बिहार में 60 मौतों पर प्रकाश डाला गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पिछले तीन दिनों में दिल्ली-एनसीआर में 10 से अधिक लोगों की जान चली गई और कम से कम 12 लोग जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं।


40,000 से ज्यादा लोगों को हीट स्ट्रोक

न्यूज एजेंसी PTI ने स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बृहस्पतिवार को बताया, इस साल एक मार्च से लेकर 18 जून के बीच में देश के बड़े हिस्से में जारी भीषण गर्मी ने कम से कम 110 लोगों की जान ले ली और 40,000 से ज्यादा लोगों को हीट स्ट्रोक से जूझना पड़ा।

नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की ओर से गर्मी से होने वाली बीमारी और मौत की निगरानी के तहत जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां लू और हीट स्ट्रोक से करीब 36 लोगों की मौत हई है। उसके बाद बिहार, राजस्थान और ओडिशा में लोगों की जान गई हैं।

बढ़ सकती है मरने वालों की संख्या

एक अधिकारिक सूत्र ने बताया, "उपलब्ध आंकड़े राज्यों की ओर से दिए गए अंतिम आंकडें नहीं हैं। इसलिए यह संख्या बढ़ भी सकती है।" जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ 18 जून को ही हीट स्ट्रोक से छह लोगों की मौत हुई है।

उत्तर और पूर्वी भारत के ज्यादातर इलाके लंबे समय से भीषण लू की चपेट में हैं, जिससे हीट स्ट्रोक से होने वाली मौतों में इजाफा हुआ है और केंद्र को ऐसे मरीजों की देखभाल के लिए अस्पतालों में स्पेशल यूनिट लगाने की एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है।

अस्पतालों 'स्पेशल हीटवेव यूनिट' लगाने का आदेश

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में 'स्पेशल हीटवेव यूनिट' शुरू की जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को ये सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अस्पताल गर्मी से प्रभावित लोगों को सबसे बेहतर हेल्थ केयर दे। उन्होंने लू और हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए अस्पतालों की तैयारी की समीक्षा की।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से लू के मद्देनजर राज्यों के स्वास्थ्य विभाग के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है। इसके तहत राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (NPCCHH) के अंतर्गत राज्य नोडल अधिकारियों से कहा गया है कि वे एक मार्च से हीट स्ट्रोक के मामलों और मौतों और कुल मौतों के आंकड़ों को हर दिन जारी करना शुरू करें, साथ ही गर्मी से जुड़ी बीमारी और मृत्यु निगरानी के तहत उनकी जानकारी भी उपलब्ध कराएं।

एडवाइजरी में कई तरह की तैयारी करने को कहा

एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी जिलों में गर्मी से होने वाली बीमारी (HRI) पर नेशनल वर्क प्लान शेयर करे और HRI के लिए स्वास्थ्य प्रणालियों की तैयारी को अच्छी तरह से पूरी करें।

एडवाइजरी में रोकथाम और प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य सुविधा तैयार करने लिए पर्याप्त मात्रा में ORD पैक, जरूरी दवाएं, IV लिक्विड सब्सटेंस, बर्फ (आइस पैक) और उपकरणों की खरीद और सप्लाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं में पर्याप्त पीने का पानी उपलब्ध हो, वेटिंग एरिया और OPD में ठंडक बनाए रखने के लिए उपकरणों को लगाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ अस्पतालों में लू और हीट स्ट्रोक के मामलों की जल्द से जल्द जांच की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।

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