देश के कई हिस्सों, खासकर उत्तरी भारत में जारी लू के कारण अब तक कम से कम 54 लोगों की जान जा चुकी है। दिल्ली, पंजाब और ओडिशा जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित जगहों पर पिछले कुछ दिनों से अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, भीषण गर्मी के बीच पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा के सुंदरगढ़ में कथित तौर लू से 12 लोगों की मौत हो गई।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, झारखंड के पलामू जिले में हीटवेव के लक्षणों के कारण एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई, जहां गुरुवार को राज्य का उच्चतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बिहार में लू से गुरुवार को आठ लोगों की मौत हो गई।
सरकार से इमरजेंसी घोषित करने की अपील
धूप से तपते राजस्थान में हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से देश में चल रही गर्मी के कारण नेशनल इमरजेंसी घोषित करने का आग्रह किया है। न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के अनुसार, हाई कोर्ट ने कहा कि अधिकारी जनता को गर्मी से बचाने के लिए उचित कदम उठाने में विफल रहे हैं।
अदालत ने गुरुवार को कहा, "हीटवेव के स्थिति में गर्मी अपने चरम रूप में हैं। इसके कारण इस महीने सैकड़ों लोगों की जान चली गई है।"
हमारे पास कोई Planet-B नहीं है
कोर्ट ने कहा. "हमारे पास कोई Planet-B नहीं है, जिस पर हम जा सकें... अगर हमने अभी सख्त कार्रवाई नहीं की, तो हम भविष्य की पीढ़ियों को हमेशा के लिए फलते-फूलते देखने का मौका खो देंगे।"
अदालत ने राज्य सरकार को गर्मी से होने वाली बीमारियों के कारण मरने वाले किसी भी व्यक्ति के रिश्तेदारों के लिए रिलीफ फंड बनाने का भी निर्देश दिया।
मौजूदा लू और भविष्य में होने वाली ऐसी घटनाओं पर फैसला सुनाते हुए इसने ये भी कहा कि भारत को इसे भी "राष्ट्रीय आपदा" घोषित करना शुरू करना चाहिए। इससे बाढ़, चक्रवात और प्राकृतिक आपदाओं की तरह ही आपातकालीन राहत जुटाने में मदद मिलेगी।