हिमालच प्रदेश के लोग पिछले कई दिनों से कुदरत की मार झेल रहे हैं। राज्य में 31 जुलाई को बादल फटने और लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आईं थी। राज्य में बादल फटने से 13 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 40 लाग लापता बताए जा रहे हैं। कल (4 अगस्त 2024) मंडी और शिमला जिले में 4 शव बरामद किए गए हैं। 31 जुलाई की रात में कुल्लू के निरमंड, सैंज, मलाणा, मंडी जिले के पधर और शिमला के रामपुर में बादल फटने की कई घटनाएं सामने आई थी। इससे भारी तबाही मच गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि मंडी जिले के पधर के राजभान गांव से सोनम (23 और मानवी (3 महीने) के शव बरामद किए गए हैं। शाम को रामपुर में सतलुज नदी के किनारे ढकोली के पास दो और शव मिले। शिमला के एसपी संजीव कुमार गांधी ने बताया कि इन शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
राहत और बचाव कार्य बड़े पैमाने पर चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बचाव के लिए जेसीबी मशीनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। खोजी कुत्तों का दस्ता, ड्रोन अन्य उपकरणों के जरिए खोज अभियान जारी है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि शिमला और कुल्लू की सीमा पर स्थित तीन गांवों - समेज, धारा सरदा और कुशवा में प्राकृतिक आपदा के बाद से बिजली अभी तक नहीं आई है। बचाव कार्य में सेना, NDRF, SDRF, ITBP, CISF, हिमाचल प्रदेश पुलिस और होमगार्ड की टीमों के 410 लोग बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। इसमें 4 और जेसीबी मशीनों को लगाया गया है। ताकि बचाव अभियान में तेजी लाई जा सके। सरपारा के उप-प्रधान सी एल नेगी ने बताया कि पानी का बहाव अब कम हो गया है। ऐसे में जेसीबी मशीनें वहां भी पहुंच सकती है, जहां लापता लोगों के मिलने की संभावना ज्यादा है।
एक गांव से 30 से ज्यादा लोग लापता
रामपुर उपमंडल के ग्राम पंचायत सरपारा के समेज गांव में 30 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। ग्रामीण मेघवा देवी ने बताया कि बुधवार रात को अचानक आई बाढ़ के बाद से तीन गांवों में बिजली अभी तक नहीं आई है। सड़कें खराब हो गई हैं। इस बीच राज्य के पूर्व सीएम और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने समेज गांव का दौरा किया। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया तथा आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात की।
सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
राज्य सरकार ने पीड़ितों के लिए 50,000 रुपये की तत्काल राहत की घोषणा की है। इसके साथ ही कहा है कि उन्हें अगले तीन महीनों के लिए किराए के लिए 5,000 रुपये हर महीने दिए जाएंगे। साथ ही गैस, भोजन और अन्य जरूरी सामान भी दिया जाएगा।