Himachal Pradesh Weather Updates: हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश से जलभराव और भूस्खलन की वजह से राज्य को भारी नुकसान हुआ हैं। मौसम विभाग ने शनिवार 26 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इस साल जुलाई में मानसून शुरू होने के बाद से हिमाचल प्रदेश को लगातार भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं का सामना करना पड़ा है। राज्य के कुल्लू जिले में गुरुवार को भूस्खलन के कारण कम से कम आठ इमारतें भरभरा कर ढह गईं। हालांकि, इन मकानों को पहले ही खाली करा लिया गया था, जिस वजह से बड़ा हादसा होने से टल गया।
- मंडी जिला प्रशासन ने गुरुवार को जिले के दूरदराज के इलाकों में खाद्य सामग्री और दवाइयों की खेप पहुंचाई।
- भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से सहायता पहुंचाई गई।
- NDRF ने गुरुवार को हिमाचल के मंडी जिले के शेहनू गौनी और खोलानाला गांव में बादल फटने की घटना स्थलों से 51 लोगों को बचाया।
पूर्व सीएम ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
हिमाचल के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने गुरुवार को कुकलाह क्षेत्र के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से भोजन की भारी कमी को देखते हुए इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए राशन की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
IMD के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने कहा, ''पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मात्रा के हिसाब से बात करें तो जोगिंदर नगर में 154 मिमी, पालमपुर में 146 मिमी, सिरमौर में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि शिमला शहर में पिछले 24 घंटों में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई।'' उन्होंने कहा कि 26 अगस्त से मौसम बदलेगा। मैदानी और मध्य क्षेत्रों के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। उन्होंने कहा कि जून से अगस्त तक हिमाचल में सामान्य से 41 फीसदी अधिक बारिश हुई है। मंडी, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश हुई।
चार से अधिक इमारतें ढह गईं
हिमाचल के कुल्लू जिले के आनी कस्बे में गुरुवार को भूस्खलन के कारण चार से अधिक इमारतें ढह गईं। पिछले सप्ताह इन इमारतों को उनकी दीवारों में दरारों के कारण असुरक्षित घोषित कर दिया गया था, जिसके कारण लोगों को उन इमारतों को खाली करना पड़ा। चूंकि जगह खाली थी, इसलिए भूस्खलन के बाद किसी की मौत की सूचना नहीं मिली।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि स्थानीय SDM ने एक समिति गठित की है जो स्थल का निरीक्षण करेगी। उन्होंने कहा कि तीन या चार अन्य इमारतों के भी असुरक्षित होने की सूचना है। इस साल मानसून की शुरुआत के बाद से हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित दुर्घटनाओं में कम से कम 238 लोगों की मौत हो चुकी है।