IMD MONSOON FORECAST: इस साल कैसी होगी बारिश, क्या कहता है मौसम का मिजाज? पढ़ें IMD का पूरा फोरकास्ट

IMD MONSOON FORECAST: राहत की बात ये है कि मॉनसून की शुरुआत जल्द होगी, जिससे देशवासियों को गर्मी (Heat) से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। IMD के मुताबिक, इस साल औसत 96% बारिश रहने का अनुमान है। इस साल के मॉनसून के लिए मौसम विभाग का ये पहला अनुमान है। इससे पहले प्राइवेट वेदर एजेंसी Skymate ने इस साल औसत 94% बारिश पड़ने का अनुमान जताया था

अपडेटेड Apr 11, 2023 पर 5:16 PM
Weather Updates: इस साल कमजोर रहेगा मॉनसून

मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को मॉनसून सीजन (Monsoon Season) को लेकर अपना अनुमान जारी किया है। IMD के मुताबिक, इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा। राहत की बात ये है कि मॉनसून की शुरुआत जल्द होगी, जिससे देशवासियों को गर्मी (Heat) से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। IMD के मुताबिक, इस साल औसत 96% बारिश रहने का अनुमान है। इस साल के मॉनसून के लिए मौसम विभाग का ये पहला अनुमान है।

इससे पहले प्राइवेट वेदर एजेंसी Skymate ने इस साल औसत 94% बारिश पड़ने का अनुमान जताया था। एजेंसी ने इस साल सामान्य से कम मॉनसून का अनुमान जताया था। इसका मतलब ये कि बारिश सामान्य से कम रह सकती है।

कब आएगा मॉनसून?


जैसा कि मौसम विभाग में पूर्वानुमान लगाया है कि इस साल मॉनसून जल्दी दस्तक देगा। हालांकि, इसका एक निश्चित समय अभी नहीं बताया गया है। इसके लिए IMD मानसून की रफ्तार पर नजर रखेगा और मई महीने में एक और अपडेट जारी करेगा।

आमतौर पर 25 मई से 1 जून के बीच मॉनसून की शुरुआत होती है। ये वो समय है, जब मॉनसून तटीय केरल में पहुंचता है। इसके बाद देश में आगे की ओर बढ़ता है। IMD के मुताबिक, केरल में मॉनसून 1 जून को पहुंचता है। इसके अलावा तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी, कोंकण में भी मॉनसून 15 जून तक एक्टिव होता है।

मॉनसून पर ही किसानों की भी उम्मीद टिकी हैं। ऐसे में अगर Skymate के पुराने फोरकास्ट की मानें, तो कमजोर मॉनसून किसानों के लिए एक समस्या खड़ी कर सकता था, लेकिन IMD के अनुमान के बाद किसानों को थोड़ी राहत मिलती नजर आ रही है, क्योंकि मॉनसून सामान्य रहने पर ठीक-ठाक बारिश होने पर फसलों की पैदावर भी अच्छी होती है।

वहीं अगर पिछले कुछ सालों में भारत में औसत मॉनसून की बात करें-

  • साल 2022 में 106%
  • साल 2021 में 99%
  • साल 2020 में 109%
  • साल 2019 में 110%

दिख सकता है अल-नीनो का असर

IMD ने अपने फोरकास्ट में अल-नीनो (El-Nino) इफेक्ट के असर की बात भी कही है। मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून के दौरान अल नीनो का असर दिख सकता है। अगस्त-सितंबर में अल नीनो का असर देखने को मिल सकता है।

क्या है अल नीनो?

सेंट्रल और ईस्टर्न पैसिफिक ओशन इलाके के गर्म होने को अल नीनो कहा जाता है। ऐसा होने पर पूरी दुनिया के मौसम पर असर पड़ता है। इंडिया में दक्षिणपश्चिमी मानसून पर भी इसक असर पड़ता है। इसके चलते मौसम शुष्क हो सकता है और मानसून में कम बारिश हो सकती है।

अगले 5 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान का पूर्वानुमान और लू का प्रकोप:

  • - देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।
  • - तटीय गंगीय पश्चिम बंगाल और तटीय ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में 13-15 अप्रैल, 2023 के दौरान लू की स्थिति होने की संभावना है।
  • - 11-13 अप्रैल, 2023 के दौरान हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 25-35Km प्रति घंटे की रफ्तारस से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।
  • - 11 अप्रैल, 2023 को पश्चिमी राजस्थान में छिटपुट जगहों पर धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।

इससे पहले मंगलवार को IMD  ने अगले पांच दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। IMD ने अगले 5 दिनों के दौरान देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। दक्षिणी भारत के कर्नाटक और तमिलनाडु में 11 अप्रैल को और केरल में अगले 5 दिनों में गरज, बिजली, तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के अलग-अलग हिस्सों में गरज/बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

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