भारत की आर्थिक वृद्धि में अभूतपूर्व तेजी के साथ देश की ऊर्जा जरूरतें (Energy Needs) मौजूदा दशक के अंत तक दोगुनी हो जाएंगी। यह बात रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने कही है। इस वक्त भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एनर्जी कंज्यूमर है। अंबानी ने पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी (PDEU) के दीक्षांत समारोह में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2047 तक मौजूदा 3.5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 40 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की हो जाएगी। उन्होंने कहा, 'इस वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए देश को भारी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होगी– क्लीन, ग्रीन एनर्जी जो मानव प्रगति के लिए प्रकृति का गला नहीं घोंटेगी।'
