भारत सरकार ने बुधवार को वॉट्सऐप (Whatsapp) को जवाब देते हुए कहा कि वह "निजता" का सम्मान करते हैं और उनका इरादा इसका उल्लंघन करना नहीं है। भारत सरकार ने यह भी कहा कि जब उन्हें किसी खास वॉट्सऐप चैट के बारे में जानने की जरूरत होगी तो यह निजता का उल्लंघन का मामला नहीं होगा।
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी (MEITY) की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने दिल्ली हाई कोर्ट में सरकार के नए डिजिटल रूल्स को चुनौती दे दी थी।
मिनिस्ट्री की तरफ से दिए गए जवाब में कहा गया है, "भारत में जो भी सर्विस दी जा रही है इसे यहां का कानून मानना होगा। अगर वॉट्सऐप भारत के कानूनों को मानने से इनकार करता है तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।"
केंद्र सरकार ने कहा है कि नए कानून का वॉट्सऐप की सर्विस और यूजर्स पर कोई असर नहीं होगा। सरकार ने आगे यह भी कहा कि वॉट्सऐप निजता के नाम पर गुमराह कर रही है। सरकार की तरफ से दिए गए जवाब में यह भी कहा गया है कि भारत में निजता फंडामेंटल राइट के तहत आता है लेकिन इसके साथ कुछ वाजिब पाबंदियां भी हैं।
केंद्र ने यह भी साफ कर दिया कि वॉट्सऐप को किसी खास मेसेज का सोर्स बताने की जरूरत तब तक नहीं है जब तक वह देश की सुरक्षा और संप्रभुता से ना जुड़ा हो। सरकार ने यह भी कहा कि UK, US, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा में सोशल मीडिया कंपनियों को लीगल इंटरसेप्शन की अनुमती है। सरकार ने कहा कि दूसरे देश जो डिमांड कर रहे हैं उसके मुकाबले भारत बहुत कम मांग रहा है।