Indian Railway Rules: गुड न्यूज! अब TTE नहीं चेक कर सकता आपकी ट्रेन टिकट, जानें भारतीय रेलवे IRCTC के नियम

ट्रेनों में यात्रा करते समय हर यात्री चाहता है कि उसकी यात्रा आरामदायक और सुखद हो, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोगों को शोर, टिकट चेकिंग या ट्रेनों में सीट को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता है

अपडेटेड Mar 30, 2022 पर 9:17 AM
Indian Railway Rules: गुड न्यूज! अब TTE नहीं चेक कर सकता आपकी ट्रेन टिकट

Indian Railways and IRCTC: भारतीय रेल (Indian Railway) को भारत की लाइफ लाइन कहा जाता है। हर दिन लगभग 40 करोड़ लोग ट्रेनों में सफर करते हैं। ट्रेनों में यात्रा करते समय हर यात्री चाहता है कि उसकी यात्रा आरामदायक और सुखद हो, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोगों को शोर, टिकट चेकिंग या ट्रेनों में सीट को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर यात्रा के दौरान आपका मन नहीं है तो कोई आपको कोई परेशान नहीं कर सकता। आइए आपको बताते हैं क्या हैं रेलवे के नियम...

आपको सोते समय TTE नहीं उठा सकता

भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक अगर आप सफर के दौरान सो रहे हैं तो टीटीई (TTE)भी आपको नहीं उठा सकता। अगर कोई यात्री सुबह से ट्रेन में सफर कर रहा है तो रात 10 बजे के बाद टीटीई आपको डिस्टर्ब नहीं कर सकता। यानी टीटीई रात 10 बजे के बाद यात्रियों को टिकट या आईडी दिखाने के लिए नहीं कह सकता।


ये हैं नियम

टीटीई को यह अधिकार है कि वह सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच ही यात्रियों के टिकट की चेक कर सकता है। जो यात्री सुबह से यात्रा कर रहे हैं, उन्हें टीटीई नींद से जगा भी सकता है, क्योंकि टीटीई के पास सभी यात्रियों की एक सूची होती है, जिसमें उन्हें पता होता है कि कौन सी सीट, कौन सी यात्रा, कहां से कहां तक की है। यानी, सुबह यात्रा करने वाले यात्रियों का टिकट सुबह ही चेक किया गया होगा। रेलवे बोर्ड की गाइडलाइंस के मुताबिक अगर कोई यात्री रात 10 बजे के बाद ट्रेन में चढ़ता है तो टीटीई को यह अधिकार है कि वह आकर आपका टिकट और आईडी चेक कर सकता है।

मिडिल बर्थ पर है सोने का अधिकार

आपने देखा होगा कि यात्रा के दौरान ज्यादातर समय कुछ ऐसे यात्री होते हैं जो निचली बर्थ में यात्रा कर रहे होते हैं और रात के 10 बजे के बाद सोने की बात करते हैं। ऐसे में मिडिल बर्थ में आरक्षित यात्रियों को न केवल उनके इंतजार में उठना पड़ता है, बल्कि उनकी दया का भी इंतजार करना पड़ता है।

मिडिल बर्थ के ये हैं अधिकार

रेलवे के नियम के मुताबिक मिडिल बर्थ पर सफर करने वाले यात्री रात 10 बजे के बाद अपनी सीट खोलकर सो सकते हैं। साथ ही सुबह 6 बजे के बाद मिडिल बर्थ वाले यात्रियों को सीट खोलनी होती है, ताकि सुबह नीचे के यात्री अपनी सीट पर बैठकर अपनी सुविधानुसार यात्रा कर सकें।

क्या है two stop नियम

रेलवे में टू स्टॉप (two stop) का भी नियम है। यानी अगर कोई यात्री ट्रेन में यात्रा कर रहा है और अपनी सीट पर नहीं पहुंचा है तो टीटीई आपकी सीट ट्रेन के अगले दो स्टॉप या अगले एक घंटे के लिए किसी अन्य यात्री को आवंटित नहीं कर सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर यात्री आपके बोर्डिंग स्टेशन के अगले 2 स्टेशनों तक सीट पर नहीं पहुंचता है, तो टीटीई यह मान लेगा कि आरक्षित सीट के यात्री ने ट्रेन नहीं पकड़ी है और तीसरे स्टॉप को पार करने के बाद टीटीई आपकी सीट दूसरे को आवंटित कर देगा।

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