Indian Railway: रेलवे के लिए पिछला वित्त वर्ष बेहद खास रहा। रेलवे ने रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष में रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं को खास तौर से ध्यान देते हुए की रूट्स पर 8 वंदे भारत (Vande Bharat) ट्रेनों की शुरुआत की है। इसके अलावा यात्रि किराया और माल ढुलाई (passenger fare and freight) से होने वाली आमदनी में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। इसी कड़ी में दक्षिण रेलवे (Southern Railway) की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, रेलवे की कमाई में करीब 80 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान पैसेंजर सेगमेंट में 6,345 करोड़ रुपये की कमाई हुई। यह अब तक की सबसे ज्यादा कमाई है।
भारतीय रेलवे 60 साल या उससे अधिक उम्र के पुरुषों को किराये में 40 फीसदी की छूट देता था। महिलाओं के लिए इसकी न्यूनतम आयु 58 वर्ष है। यानी 58 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को 50 फीसदी छूट दी जाती थी। ये छूट मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो ट्रेनों में दी जाती थी।
2022-23 में 64 करोड़ यात्रियों ने किया सफर
दक्षिण रेलवे को पिछले वित्त वर्ष में कुल 3,539.77 करोड़ रुपये की कमाई हुई। इससे पहले वित्त वर्ष 2019-20 में दक्षिण रेलवे को सबसे ज्यादा 5,225 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। दक्षिण रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक रिलीज में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2022-23 में करीब 64 करोड़ यात्रियों ने दक्षिण रेलवे से सफर किया है। यह वित्त वर्ष 2021-22 के मुकाबले 88.5 फीसदी ज्यादा है। बता दें कि वित्त वर्ष 2021-22 में 34 करोड़ यात्रियों ने सफर किया था। दक्षिण रेलवे ने माल ढुलाई में कई उपलब्धियां हासिल की है। रेलवे की बढ़ती कमाई के बाद वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रियायत बहाल करने की मांग फिर से उठने लगी है।
कोरोना काल में वरिष्ठ नागरिकों को छूट हुई बंद
दरअसल, कोरोना काल के दौरान रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को किराए में मिलने वाली छूट को बंद कर दिया था। रेलवे की ओर से तमाम सुविधाएं नियमित किए जाने के बाद भी वरिष्ठ नागरिकों को किराए में मिलने वाली छूट फिर से नहीं शुरू की गई है। यात्रियों की तरफ से लगातार इस सुविधा को फिर से शुरू करने की मांग की जा रही है। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि रेलवे की ओर से यात्रियों को पहले से ही 55 फीसदी की छूट दी जा रही है। लेकिन अब राजस्व बढ़ने पर किराए में रियायत फिर से शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।