Indore: मध्य प्रदेश के बीएम फॉर्मेसी कॉलेज (BM College of Pharmacy) की प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा (Vimukta Sharma) को कुछ दिन पहले एक पूर्व छात्र ने आग लगा दी थी। इलाज के बाद शनिवार को उनकी मौत हो गई। कॉलेज से अपनी मार्कशीट मिलने में देरी के चलते पूर्व छात्र आशुतोष श्रीवास्तव ने प्रिंसिपल पर पेट्रोल डालकर जला दिया था। प्रिंसिपल की बेटी ने आरोप लगाया है कि इंदौर पुलिस ने प्रिंसिपल को भेजे गए धमकी बरे संदेशों की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की है। फार्मेसी कॉलेज इंदौर के सिमरौल में है।
20 फरवरी को छात्र ने आग के हवाले कर दिया था। तब से प्रिंसपल जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। आखिरकार प्रिंसिपल जिंदगी की जंग हार गई। पुलिस ने बताया था कि विमुक्त शर्मा 80 फीसदी तक जल चुकी हैं। उनकी हालत गंभीर है। उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
इस मामले में मृतका की बेटी ने कहा कि आशुतोष श्रीवास्तव ने मेरी मां को आग के हवाले करने से पहले WhatsApp पर धमकी भरे मैसेज भेजे थे। मैसेज मिलने के बाद वो काफी टेंशन में थी। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। बेटी ने आगे कहा कि पुलिस से शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस फौरन एक्शन लेती तो शायद मेरी मां के साथ ऐसी घटना नहीं होती। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है। पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल किए गए सामान को भी बरामद कर लिया है। आशुतोष पुलिस हिरासत में है।
7वें सेमेस्टर में फेल हो गया था छात्र
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) भगवत सिंह विरदे (Bhagwat Singh Virde) ने बताया कि ASI संजीव तिवारी (Sanjeev Tiwari) को लापरवाही बरतने और सही तरीके से जांच नहीं करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि महिला प्राचार्य के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया था और प्राचार्य की मौत के बाद इसमें धारा 302 (हत्या) जोड़ी जा रही है। विरदे ने आगे कहा कि हमारी जांच में पाया गया है कि आशुतोष श्रीवास्तव 7वें सेमेस्टर में फेल हो गया था।