Interpol General Assembly: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को दिल्ली के प्रगति मैदान (Pragati Maidan) में 90वीं इंटरपोल आम सभा (90th Interpol General Assembly) को संबोधित किया। इसमें 195 सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल थे, जिसमें मंत्री, दूसरे देशों के पुलिस प्रमुख, नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल थे।
मोदी ने इंटरपोल जनरल असेंबली के उद्घाटन के मौके पर कहा, "ये आने वाले भविष्य और अतीत दोनों को देखने का समय है। हमारे वेद कहते हैं कि सभी दिशाओं से अच्छे विचार आएं और भारत वैश्विक सहयोग में विश्वास रखता है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद, भ्रष्टाचार, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध शिकार और संगठित अपराध को मानवता के लिए वैश्विक खतरा बताया। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए विश्व के एकजुट होने का समय आ गया है।
इंटरपोल महासभा को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि आतंकवाद सिर्फ फिजिकल रूप से ही नहीं मौजूद है, बल्कि वह अब साइबर खतरों और ऑनलाइन कट्टरता के जरिए अपना दायरा बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा, "एक सुरक्षित दुनिया हमारी साझा जिम्मेदारी है। जब अच्छी ताकतें एक दूसरे का सहयोग करती हैं, तो अपराध की ताकतें काम नहीं कर सकती हैं।"
अपराधों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं हो सकती
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद, भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शिकार और संगठित अपराध को मानवता के लिए खतरा बताते हुए कहा कि जब खतरे वैश्विक होते हैं, तो प्रतिक्रिया केवल स्थानीय नहीं हो सकती है।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों, ड्रग कार्टेल, अवैध शिकार गिरोहों या संगठित अपराधों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं हो सकती है।
इस महासभा में 195 देशों के प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं। इन प्रतिनिधियों में सदस्य देशों के मंत्री, पुलिस प्रमुख, केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। महासभा की बैठक यहां 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक चलेगी।
महासभा, इंटरपोल का सबसे बड़ी गवर्निंग बॉडी है और साल में इसकी एक बार बैठक होती है। इस बैठक में इंटरपोल के कामकाज की समीक्षा की जाती है और अहम फैसले भी लिए जाते हैं। बैठक में वित्तीय अपराधों और भ्रष्टाचार के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
भारत में इंटरपोल महासभा की बैठक 25 सालों के अंतराल के बाद हो रही है। पिछली बार भारत में यह महासभा 1997 में हुई थी। भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस बार की महासभा का आयोजन नई दिल्ली में करने का विशेष मौका दिया गया है।
महासभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, इंटरपोल के अध्यक्ष अहमद नासर अल रईसी और उसके महासचिव महासचिव जुर्गन स्टॉक भी मौजूद थे।