देश और दुनिया में इंटरनेट का दौर बढ़ता जा रहा है। इस बीच इंटरनेट के इस्तेमाल से साइबर सिक्योरिटी का मुद्दा भी काफी अहम बन जाता है। देश और दुनिया में साइबर अपराधों के मामले भी काफी सामने आ रहे हैं। इस बीच इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने साइबर सिक्योरिटी को लेकर अहम बात कही है।
इलेक्ट्रॉनिक घटक विनिर्माताओं को नई परियोजनाएं शुरू करते समय देश के सुरक्षा हितों को सुनिश्चित करना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने शनिवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर खुलकर बात कर रही है और कंपनियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जा रहा है कि किसी परियोजना को तैयार करते समय देश के सुरक्षा हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
कृष्णन ने कहा, ''हमने इस बारे में (पहले) संक्षेप में बात की थी और बताया था कि कैसे साइबर सुरक्षा अधिक से अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है। यह एक ऐसी चीज है जिसके बारे में मैं विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों से कहना चाहूंगा कि हमें हर दिन इस बारे में अत्यधिक सावधान रहने की जरूरत है।'' वह मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और द सदर्न इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसआईसीसीआई) के जरिए आयोजित 10वें जी रामचंद्रन व्याख्यान में बोल रहे थे।
उन्होंने विस्तार से बताया, ''इस क्षेत्र (साइबर सुरक्षा) के महत्वपूर्ण होने के साथ ही राष्ट्रीय जोखिम भी बहुत बड़े हैं। यह मुद्दा व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। साइबर सुरक्षा जोखिम बहुत बड़े हैं।'' उन्होंने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है कि इलेक्ट्रॉनिक घटक विनिर्माता किसी उत्पाद को डिजाइन करते समय ही देश के सुरक्षा हितों का ध्यान रखें।
कृष्णन ने यह भी बताया कि आपूर्ति श्रृंखला उद्योग को लचीला होना चाहिए और भू-राजनीतिक जोखिमों सहित किसी भी बाहरी कारकों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।