ग्लोबल क्रिप्टो एक्सचेंज फर्म कॉइनबेस (Coinbase) भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ रही है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने अक्टूबर महीने के अंत में भारत में अपनी सेवाओं को बंद कर दिया था। हालांकि इसके बावजूद कंपनी कर्मचारियों की भर्ती में लगी है। मामले से वाकिफ लोगों ने मनीकंट्रोलको बताया कि कंपनी प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी से जुड़े पदों पर हायरिंग कर रही हैं। इनमें से कुछ पदों को बेंगलुरु और हैदराबाद लोकेशन पर ज्वाइन करने और कुछ को वर्क-फ्रॉम-होम की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स, प्लेटफॉर्म-पेमेंट्स के लिए इंजीनियरिंग मैनेजर्स, डेटा साइंटिस्ट और वेंडर मैनेजमेंट एनालिस्ट आदि पदों पर हायरिंग कर रही है।
हायर किए जाने वाले लोगों की सटीक संख्या का पता नहीं लगाया जा सका है, लेकिन पिछले तीन हफ्तों में इसके लिंक्डइन पेज पर लगभग 30 पदों के लिए पोस्ट किए गए थे।
एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “कॉइनबेस ने पिछले एक महीने में अचानक हायरिंग शुरू की है। प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी से जुड़े पदों पर नौकरियां निकाली गई हैं। कॉइनबेस और जेमिनी जैसी क्रिप्टो कंपनियां भारत में टेट टैलेंट हब बनाने पर काम कर रही हैं।”
इससे पहले कॉइनबेस 2022 से भारत में लगातार छंटनी कर रही थी। इस साल जनवरी में उसने अपने 950 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। इससे पहले जून 2022 में इसने अपने 18 पर्सेंट कर्मचारियों की छंटनी की थी। साथ ही इसने क्रिप्टो मार्केट में चुनौतीपूर्ण स्थिति को देखते हुए अपने कई प्रोजेक्ट रोक दिए थे। इसमें से लगभग 8 प्रतिशत भारतीय कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। तब से, कंपनी ने हायरिंग धीमी कर दी हैं और लोगों को दिए जॉब ऑफर वापस ले लिए हैं।
कॉइनबेस का भारत में सफर अबतक मुश्किलों भरा रहा है। कंपनी ने अप्रैल 2022 में भारत में अपना कारोबार शुरू किया था। उस समय कंपनी के टेक हब में 300 फुल-टाइम कर्मचारी थे। तक कंपनी ने कहा था कि वह 2022 के अंत तक अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 1,000 से अधिक ले जाएगी। हालांकि सितंबर 2023 आते-आते कंपनी ने भारत में अपनी सेवाओं को रोकने की जानकारी दी और ग्राहकों को 31 अक्टूबर तक अपने खाते से सभी रुपये निकालने का वक्त दिया।