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जोशीमठ के साथ क्या तबाह हो जाएगा टिहरी और पिथौरागढ़, उत्तराखंड के इन छह शहरों में भी धंस रहे हैं पहाड़

Joshimath में पहाड़ और जमीन धंसने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सैंकड़ों की संख्या में लोगों को अपने घरों को छोड़कर दूसरी जगहों पर जाना पड़ा है। उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में सिर्फ जोशीमठ ही नहीं बल्कि और भी छह जगहों पर इसी तरह का खतरा बना हुआ है

Curated By: Abhishek Nandanअपडेटेड Jan 14, 2023 पर 1:10 PM
जोशीमठ के साथ क्या तबाह हो जाएगा टिहरी और पिथौरागढ़, उत्तराखंड के इन छह शहरों में भी धंस रहे हैं पहाड़
Joshimath के साथ उत्तराखंड के 6 जिलों पर भी खतरा मंडरा रहा है जिनमें पिथौरागढ़ और टिहरी भाी शामिल हैं

हिमालय की पहाड़ियों में बसा उत्तराखंड का जोशीमठ (Joshimath) इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। चीन की सीमा से लगे जोशीमठ के आस पास बांध, सड़क और मिलिट्री जोन बनाए जाने के चलते पहाड़ों की प्राकृतिक स्थिति खराब हुई है। जिस वजह से अब यहां के कई सारे घरों और जमीनों में दारारें आने लगी हैं। 6 हजार फिट की ऊंचाई पर बसे जोशीमठ के नीचे जमीन खिसकने और धंसने के जोखिम को पर्यवरणविदों द्वारा कई सालों पहले ही बताया गया था। इसके अलावा जोशीमठ भूकंप के लिहाज से भी सेस्मिक जोन में आता है।

जोशीमठ के अलावा उत्तराखंड के इन इलाकओं पर भी है खतरा

नैनीताल (Nainital) स्थित कुमाऊं यूनिवर्सिटी में जियोलॉजी के प्रोफेसर राजीव उपाध्याय का कहना है कि उत्तराखंड के उत्तरी भाग में गाँव और कस्बे हिमालय के भीतर प्रमुख सक्रिय थ्रस्ट जोन में स्थित हैं और इस क्षेत्र के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र के कारण बहुत संवेदनशील हैं। इनमें से कई सारे घर पुराने भूकंपों के मलबों पर बने हुए हैं। इसके अलावा कई सारी कंस्ट्रक्शन गतिविधियों के चलते भी यहां पर खतरा बढ़ा है। जोशीमठ में जमीन धंसने की घटनाओं की शुरुआत 1970 के दशक से देखी जा रही है। राजीव उपाध्याय का कहना है कि अगर इस इलाके में गतिविधियां बढ़ती हैं तो यह खतरा और ज्यादा बढ़ेगा। जोशीमठ के साथ उत्तराखंड के और भी ऐसे इलाके हैं जहां पर इसी तरह का खतरा बना हुआ है। आइये जानते हैं कौन से हैं वे इलाके।

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जोशीमठ: जोशीमठ को पवित्र धार्मिक स्थल बद्रीनाथ (Badrinath) का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। बद्रीनाथ जाने वाले लाखों पर्यटक और श्रद्धालु हर साल इस शहर में आते हैं। शहर के पास में ही NTPC एक प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है। हाल के दिनों में जमीन धंसने की वजह से कई परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है।

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