CJI DY Chandrachud: जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ बने भारत के 50वें चीफ जस्टिस, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ

CJI की कमान संभालने वाले जस्टिस चंद्रचूड़ के पिता भी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रह चुके हैं। उनके पिता यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ देश के 16वें चीफ जस्टिस के रूप में कमान संभाली थी। अब उनके बेटे ने देश के 50वें CJI के रूप में देश की बागडोर संभाल लिया है

अपडेटेड Nov 09, 2022 पर 11:02 AM
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CJI DY Chandrachud: जस्टिस चंद्रचूड़ दो साल यानी 10 नवंबर 2024 तक चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) रहेंगे

CJI DY Chandrachud: जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) भारत के 50वें चीफ जस्टिस (Chief Justice of India) बन गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (President Droupadi Murmu) को भारत के 50वें चीफ जस्टिस (50th Chief Justice of India ) के रूप में पद की शपथ दिलाई। इससे पहले उनके पिता यशवंत चंद्रचूड़ भी CJI के रूप में देश की कमान संभाल चुके हैं।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया यूयू ललित की जगह ली है।  11 अक्टूबर को CJI उदय उमेश ललित ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाए जाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें 17 अक्टूबर को अगला CJI नियुक्त किया था। जस्टिस ललित का CJI के तौर पर 74 दिनों का छोटा कार्यकाल था, जो 8 नवंबर को पूरा हो गया।

पिता भी रह चुके हैं CJI


जस्टिस चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट के पवित्र गलियारों से बेहद अच्छी तरह वाकिफ हैं। यहां उनके पिता लगभग सात साल और चार महीने तक चीफ जस्टिस रहे थे, जो शीर्ष अदालत के इतिहास में किसी CJI का सबसे लंबा कार्यकाल रहा है। उनके पिता यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ देश के 16वें चीफ जस्टिस के रूप में कमान संभाली थी। वह 22 फरवरी 1978 से 11 जुलाई 1985 तक चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रहे।

दो साल का होगा कार्यकाल

जस्टिस चंद्रचूड़ 10 नवंबर 2024 तक दो साल के लिए इस पद पर रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट के जज 65 साल की उम्र में रिटायर होते हैं। जस्टिस चंद्रचूड़ 11 नवंबर 1959 को पैदा हुए और 13 मई 2016 को शीर्ष न्यायालय के जज के रूप में पदोन्नत किए गए थे। वह कई संविधान पीठ और ऐतिहासिक फैसले देने वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठों का हिस्सा रहे हैं।

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इनमें अयोध्या भूमि विवाद, IPC की धारा 377 के तहत समलैंगिक संबंधों को अपराध की कैटेगरी से बाहर करने, आधार योजना की वैधता से जुड़े मामले, सबरीमला मुद्दा, सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने, भारतीय नौसेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने जैसे फैसले शामिल हैं।

हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट का सफर

जस्टिस चंद्रचूड़ 29 मार्च 2000 से 31 अक्टूबर 2013 तक बॉम्बे हाई कोर्ट के जज थे। उसके बाद उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। जस्टिस चंद्रचूड़ को जून 1998 में बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा वरिष्ठ वकील नामित किया गया था और वह उसी वर्ष अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किए गए।

राष्ट्रीय राजधानी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए ऑनर्स करने के उन्होंने कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी किया और अमेरिका के हार्वर्ड लॉ स्कूल से एलएलएम और न्यायिक विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

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