Kolkata Doctor Rape-Murder Case: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में इस महीने की शुरुआत में 31 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग को लेकर आज यानी मंगलवार (27 अगस्त) कोलकाता में छात्र बड़ा मार्च निकाल रहे हैं। छात्र संगठन 'पश्चिम बंगा छात्र समाज' और 'संग्रामी जौथा मंच' मंगलवार को अपनी 'नबान्न अभिजन' रैली निकाल रहे हैं। हालांकि, कोलकाता प्रशासन इस आयोजन को अवैध घोषित कर चुका है। राज्य सचिवालय तक निकाली जा रही रैली का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे और रेप-मर्डर में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग करना है।
पश्चिम बंगा छात्र समाज (Paschim Banga Chhatra Samaj) एक अनरजिस्टर्ड छात्र समूह है। जबकि संग्रामी जौथा मंच (Sangrami Joutha Mancha) राज्य सरकार के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। वे अपने महंगाई भत्ते (DA) को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर करने की मांग कर रहे हैं। राज्य पुलिस ने संभावित हिंसा और सार्वजनिक अव्यवस्था की चिंता का हवाला देते हुए रैली को अवैध करार दिया है।
पुलिस ने नहीं दी रैली की इजाजत
अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) (कानून व्यवस्था) मनोज वर्मा ने कहा था कि पुलिस को विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली है कि उपद्रवी रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच घुसने और बड़े पैमाने पर हिंसा एवं अराजकता फैलाने का प्रयास करेंगे। इसके मद्देनजर सरकार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत नबन्ना (राज्य सचिवालय) के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है।
राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने रैली को सड़कों पर अराजकता पैदा करने की 'साजिश' करार देते हुए पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटल के BJP नेताओं के कुछ वीडियो जारी किए। वे कथित तौर पर रैली में कथित तौर पर हिंसा भड़काने की योजना बना रहे थे। वीडियो में दिख रहे लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
अपेक्षित व्यवधानों के जवाब में कई शिक्षण संस्थानों ने 'ऑनलाइन' क्लासेस संचालित करने का विकल्प चुना या मंगलवार को छुट्टी घोषित कर दी है। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने छात्रों के विरोध के अधिकार की वकालत की। उन्होंने राज्य सरकार से रैली को रोकने के लिए बल प्रयोग से बचने का आग्रह किया है।
मार्च को देखते हुए कोलकाता के सभी इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कोलकाता पुलिस ने मंगलवार सुबह 8 बजे से ही शहर की सड़कों पर 6,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया है। साथ ही पुलिस ने वाटर कैनन तैभी यार रखे हैं। कम से कम 19 बैरिकेड पॉइंट बनाए गए हैं। राज्य ने स्थिति की निगरानी के लिए 26 जिला कलेक्टरों को प्रभारी बनाया है। रैली पर नजर रखने के लिए पुलिस ड्रोन का भी इस्तेमाल करेगी। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि रैली आयोजित करने के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी।