गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) में विभिन्न इंटरनेशनल कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को शराब पीने की इजाजत मिल गई है। गांधीनगर में स्थित गिफ्ट सिटी में रहने वाले, यहां की कंपनियों में काम करने वाले और इंटरनेशनल कंपनियों के विजिटर्स के लिए शराबबंदी में छूट दी गई है। हालांकि, गांधीनगर में स्थित गिफ्ट सिटी (GIFT City Liquor Policy) में भले ही शराब पीने की छूट मिल गई हो, लेकिन इसके सेवन और इसकी बिक्री को लेकर काफी सख्ती रहेगी। इन लोगों को सरकार की ओर से स्पेशल परमिट जारी किया जाएगा। परमिट 2 साल के लिए मिलेगा और सालाना 1,000 रुपये फीस रहेगी।
यह शराब सिर्फ गिफ्ट सिटी के अंदर दो साल के लिए वाइन-एंड-डाइन (जहां बैठकर शराब पी जाए) एरिया में मिलेगी। राज्य के गृह विभाग द्वारा शनिवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, गिफ्ट सिटी आने वाला व्यक्ति अस्थायी परमिट ले सकता है, जो सिर्फ एक दिन के लिए मान्य होगा। इसमें कहा गया कि जरूरत पड़ने पर विजिटर्स नए अस्थायी परमिट का लाभ उठा सकते हैं। सरकार ने गिफ्ट सिटी में 'वैश्विक कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने' के लिए पिछले सप्ताह उस एरिया में शराब से बैन को हटा दिया था। नए नियमों के अनुसार, गिफ्ट सिटी में मौजूदा और नए होटलों, रेस्तरां और क्लबों को 'वाइन एंड डाइन' सुविधा प्रदान करने के लिए परमिट दिए जाएंगे।
अधिसूचना में कहा गया, "अनुशंसा अधिकारी शराब पहुंच परमिट प्राप्त करने के इच्छुक कर्मचारियों की एक सूची तैयार करेगा और उसे अधिकृत अधिकारी को भेजेगा। फिर अधिकारी कर्मचारियों की अनुमोदित सूची के आधार पर शराब पहुंच परमिट जारी करेगा और उसे सिफारिश करने वाले अधिकारी को भेजेगा।"
अधिसूचना में कहा गया है कि परमिट धारक की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए और परमिट दो साल के लिए जारी किया जाएगा। परमिट एक बार में दो साल के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है। गजट अधिसूचना के अनुसार, परमिट का शुल्क 1,000 रुपये सालाना होगा। कोई व्यक्ति गिफ्ट सिटी में किसी कंपनी/संगठन/यूनिट की नौकरी छोड़ता है तो उसका परमिट तुरंत रद्द हो जाएगा। अधिसूचना के अनुसार, गिफ्ट सिटी में स्थित कोई इकाई अगर शराब का लाइसेंस चाहती है तो उसे अप्लाई करना होगा। लाइसेंस गिफ्ट सुविधा समिति के उचित सत्यापन और निर्णय के बाद जारी किया जाएगा।
अधिसूचना में कहा गया कि समिति से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित अधिक लाइसेंस जारी कर देंगे। इसके तहत शराबबंदी से छूट वाले एरिया में शराब परोसने की अनुमति दी जाएगी। यह लाइसेंस शुरुआत में 1 से 5 साल के लिए जारी किया जाएगा और बाद में इसे पांच साल तक के लिए नवीनीकृत किया जाएगा। अधिसूचना में कहा गया कि लाइसेंस की कीमत एक लाख रुपये सालाना होगा और इसकी सुरक्षा जमा राशि दो लाख रुपये होगी।
इन नियमों का करना होगा पालन
गजट आदेश में कहा गया, "लाइसेंसधारक गुजरात विदेशी शराब (आयात और निर्यात) नियम, 1965 और बंबई विदेशी शराब नियम, 1953 के अनुसार राज्य में या राज्य के बाहर किसी भी लाइसेंस से शराब खरीद सकता है। परमिट धारक को गुजरात निषेध अधिनियम, 1949 के प्रावधानों का पालन करना होगा।"
बता दें कि गुजरात में शराब के उत्पादन, स्टोरेज, बिक्री और पीने पर प्रतिबंध का कानून लागू है। कानून के तहत शराब का कारोबार करते पाए गए व्यक्ति को 7 से 10 साल की जेल की सजा और किसी की शराब पीकर निधन होने पर शराब बेचने वाले के लिए मौत की सजा का प्रावधान है।