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Loan Moratorium के छह महीने खत्म हुए, अब क्या करें बॉरोअर्स

RBI ने लोन मोरटोरियम मार्च 2020 में तीन महीने के लिए शुरू किया था जिसे बाद में और 3 महीने के लिए बढ़ा दिया गया

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 02, 2020 पर 2:55 PM
Loan Moratorium के छह महीने खत्म हुए, अब क्या करें बॉरोअर्स

Covid-19 महामारी के दौरान RBI ने मार्च 2020 मे लोन मोरटोरियम (Loan Moratorium) की सुविधा शुरू की थी जो 31 अगस्त को खत्म हो गई। इन छह महीनों में कर्ज लेने वालों को EMI चुकाने से छूट दी गई थी। यानी सितंबर से आपको लोन की EMI चुकानी होगी। पिछसे 6 महीनों के सभी EMI जोड़कर आपको पेमेंट करना होगा। हालांकि एकसाथ इतनी बड़ी रकम चुकाने में दिक्कत ना हो इसलिए RBI ने बैंकों को वन टाइम लोन रीस्ट्रक्चरिंग करने की भी इजाजत दे दी है। बॉरोअर्स के लोन रीस्ट्रक्चरिंग के लिए एक कमिटी भी बनाई गई है। ऐसे में सवाल ये है कि अब ग्राहकों को क्या करना चाहिए।

क्या करें बॉरोअर्स?

बॉरोअर्स बैंक की तरफ से कोई संदेश आने का इंतजार करें। हर बैंक के मोरटोरियम का अलग नियम है। बेहतर होगा कि आप अपने बैंक को फोन करके पूछें कि आगे किस तरह पेमेंट करना होगा।

कोर्ट के फैसलों पर नजर रखें

सुप्रीम कोर्ट इस मामले में लगातार सुनवाई कर रहा है। इसमें मोरटोरियम पीरियड के 6 महीनों के दौरान लेट EMI पर लगने वाले ब्याज से छूट देने की बात कही जा रही है। यानी अभी आपको  EMI पर भी ब्याज देना होगा। जिसपर सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है कि ब्याज पर ब्याज से छूट मिलना चाहिए।

मंगलवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार और RBI की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी कि  लोन रीपेमेंट का मोरटोरियम पीरियड अगले दो साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। RBI सर्कुलर के मुताबिक, इसे दो महीने तक बढ़ाने का विकल्प है। मेहता ने कहा, "हम उन सेक्टर की पहचान कर रहे हैं जो मुश्किल में हैं। अलग-अलग सेक्टर के लिए बेनेफिट भी अलग होगा।"

सरकार को लगाई थी फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने 26 अगस्त को सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि सरकार यह क्यों नहीं बता रही है कि इंटरेस्ट पर छूट मिल सकती है या नहीं। केंद्र सरकार को डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट (DMA) के तहत अपनी पोजीशन क्लीयर करें और हलफनामा जमा करे।

मेहता ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार और RBI के प्रतिनिधि दूसरे बैंकों से बात करें और सही हल पर पहुंचे। मेहता ने कहा, "सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे  ने बैंकर एसोसिएशन से बात की है और कई मुद्दे सुलझा लिए गए हैं।"

देश भर में लॉकडाउन की वजह से RBI ने 22 मई को लोन मोरटोरियम को 31 अगस्त के लिए बढ़ा दिया था। मार्च में सेंट्रल बैंक ने तीन महीने के मोरटोरियम का ऐलान किया था जिसे बाद में तीन महीने के लिए बढ़ाया गया। यानी 1 मार्च से 31 मई के बीच तक मोरटोरियम जारी रहा।।

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