एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने बांग्लादेशी अप्रवासियों की संख्या में वृद्धि को रोकने के लिए "विलंबित" या देर से आने वाले आवेदनों पर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (Chief Minister's Office (CMO) के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि महानिरीक्षक दत्ता कराले (Inspector General Datta Karale) के नेतृत्व वाली एसआईटी देर से आने वाले आवेदनों पर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की जांच करेगी।
विलंबित या देर से आने वाले आवेदन वे होते हैं जो किसी व्यक्ति के जन्म या मृत्यु के कम से कम एक वर्ष बाद प्रस्तुत किये जाते हैं।
मुंबई में अभिनेता सैफ अली खान पर चाकू से हमला करने के आरोप में 30 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक शरीफुल इस्लाम शहजाद मोहम्मद रोहिल्ला अमीन फकीर (Shariful Islam Shehzad Mohammad Rohilla Amin Fakir) को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद बांग्लादेशियों के भारत में प्रवेश करने और अवैध रूप से देश में रहने का मुद्दा ज्यादा गरमा गया है।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने की पुष्टि
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Revenue Minister Chandrashekhar Bawankule) ने पीटीआई को बताया कि जांच में पहले से जारी किए गए प्रमाणपत्र और प्राप्त आवेदन भी शामिल होंगे।
बता दें कि जांच टीम बनाने का सरकार का फैसला बीजेपी नेता किरीट सोमैया (BJP leader Kirit Somaiya) के जन्म प्रमाण पत्र घोटाले के आरोप के बाद आया है।
पूर्व सांसद ने आरोप लगाया है कि जनवरी 2021 से दिसंबर 2023 के बीच अकोला शहर के मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा 269 विलंबित जन्म पंजीकरण आदेश जारी किए गए थे। लेकिन तहसीलदार ने 4,849 विलंबित जन्म आवेदनों को पंजीकृत करने के आदेश दिय थे।
उन्होंने दावा किया है कि यवतमाल में 11,864, अकोला में 15,845 और नागपुर जिले में 4,350 विलंबित आवेदन किए गए थे।
सोमैया ने आरोप लगाया है कि दो लाख बांग्लादेशी रोहिंग्याओं ने महाराष्ट्र में जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है। इस सिलसिले में मालेगांव में एक तहसीलदार को निलंबित कर दिया गया था।