राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुखर्जी नगर में स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट (Signature View Apartment in northwest Delhi) में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। अपार्टमेंट के टावरों को खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। आशंका है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उत्तर पश्चिमी दिल्ली के मुखर्जी नगर में बने सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट के निवासियों को दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बेदखली का नोटिस जारी किया है। नोटिस में सोसाइटी को 'इंसानों के रहने के लिए अयोग्य' घोषित करते हुए सोमवार (25 दिसंबर) तक इसे खाली करने को कहा गया है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, 2007-09 में हाई इनकम ग्रुप (HIG) और मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के 336 फ्लैटों के साथ निर्मित इस अपार्टमेंट परिसर को निर्माण संबंधी कुछ मुद्दे के कारण दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने ध्वस्त करने का फैसला किया है।
18 दिसंबर को जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि सोसाइटी खतरनाक और रहने लायक नहीं है। इसलिए निवासियों को इसे सात दिनों में खाली कर देना चाहिए। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने कहा कि वे सोसाइटी खाली करने के लिए तैयार हैं। बशर्ते कि नए फ्लैटों के निर्माण तक उन्हें प्राधिकरण द्वारा किराए का भुगतान किया जाए।
स्थानीय लोगों द्वारा खराब गुणवत्ता वाले निर्माण की शिकायतें करने के बाद DDA द्वारा नियुक्त एक संरचनात्मक सलाहकार की सलाह पर टावर को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया। बताया गया है कि टावर A, B, C और D, E, F, G, H, I, J, K, L में घर/फ्लैट खतरनाक स्थिति में हैं। किसी भी तरह से वहां रहने वाले या वहां से गुजरने वाले व्यक्ति के लिए खतरनाक हैं।
RWA अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार राकेश ने कहा कि वे चाहते हैं कि मकान खाली कराने पर DDA किराया जारी करे। उन्होंने कहा, "संरचना खतरनाक है और हम भी चाहते हैं कि इसे जल्द से जल्द ध्वस्त किया जाए। हम इसे छोड़ना चाहते हैं, लेकिन बेदखली पर किराया भी चाहिए।"
DDA ने पहले सभी 336 फ्लैट खाली होने पर ही निवासियों को किराया देने की पेशकश की थी। RWA ने सभी फ्लैट-मालिकों को एक साथ उनकी चाबियां सौंपने में असमर्थता का हवाला दिया और प्राधिकरण से 100 प्रतिशत अवकाश नियम (vacation clause) को घटाकर 75 फीसदी करने का अनुरोध किया।