मेंटल हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य एक ऐसा टर्म है जिसे लेकर अब थोड़ी थोड़ी बाते होना शुरु हुई है। लेकिन अभी भी देश के ज्यादातर लोग मेंटल हेल्थ जैसी भी कोई चीज होती है उसे जानते ही नहीं है। जो जानते हैं वो इस पर बात करने से कतराते हैं और कई लोगों को ये लगता है कि मेंटल हेल्थ इश्यू होना मतलब उन्हे सीधा पागल ही कहा जा रहा है। लेकिन देश में होने वाले तमात तरह के सर्वे और देश में चल रही कई तरह की मेंटल हेल्पलाइन और उस पर आने वाले कॉल्स की दिनों दिन बढ़ती तादाद ये बताती है कि अब वक्त आ गया है जब हम मेंटल हेल्थ क्या होती है, न सिर्फ ये समझें बल्कि उस पर खुल कर बात करना भी शुरु करें। और आज इस बात को करने का कारण है नेशनल मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन टेली मानस पर आने वाले कॉल्स का ताजा डाटा जो बता रहा है कि लोग किस तरह के मानसिक अवसाद से परेशान हैं और क्या बात है जो लोगों की मेंटल हेल्थ को सबसे ज्यादा खराब कर रही है ।
नेशनल मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन टेली मानस से मिले आंकड़ों के मुताबिक 33% लोगों को रिश्तों में तनाव के कारण है जबकि 23% एंग्जायटी, 20% डिप्रेशन, 16% तनाव और 8% साइकेट्रिक डिसॉर्डर की समस्या है।
मेंटल हेल्थ से जुड़े तथ्य
देश की 10% आबादी को मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस आबादी में रिश्तों से जुड़ी समस्या सबसे ज्यादा है। 18-40 की उम्र वाले मेंटल हेल्थ ज्यादा पीड़ित है। शिकायतों में 60% हिस्सा पुरुषों का है।
मेंटल हेल्थ पर जागरुकता की कमी इस समस्या की बड़ी वजह हैं। स्त्रियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया भी बड़ी वजह है। गरीबी और सामाजिक असमानता, तेज शहरीकरण और पलायन , पारिवारिक और समाजिक दबाव के कारण भी मेटल हेल्थ की समस्या की बड़ी वजहों में से एक है। मेंटल हेल्थ को लेकर गलत नजरिया है।
Tele MANAS - 14416/1800-891-4416
- NIMHANS Helpline - 080-46110007
- ASHA - 0172-2660078/2660178
- Vandrevala Foundation - 9999666555
- TISS iCALL - 9152987821
- Mann Talks - 8686139139
- Samaritans Mumbai - 84229-84527
- Parivarthan - 7676602602
अपने मेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए रेगुलर व्यायाम, फिजिकल एक्टिविटी करें। संतुलित आहार और स्वस्थ खानपान रखें। शराब, तंबाकू, ड्रग्स, सॉफ्ट ड्रिंक से दूरी बना कर रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी और 7 से 9 घंटे की नींद जरुर लें। योग, ध्यान, क्रिएटिविटी से स्ट्रेस मैनेज करें । दोस्तों, परिवार, अपने लोगों से कनेक्शन बना कर रखें। सहनशक्ति, उदारता के साथ व्यवहार करें।