Monsoon update: दक्षिण पश्चिम मानसून ने अपने सामान्य समय से एक हफ्ते की देरी के बाद भारत में दस्तक दे दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून के केरल आने का ऐलान कर दिया है। केरल के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिली है। यह 13-14 जून तक गुजरात पहुंच जाएगा। इसकी वजह से मध्यप्रदेश में 13 से 15 जून तक प्री मानसून एक्टिविटी होगी। गुजरात में अगर यह सिस्टम बना रहा तो 19 जून तक मध्यप्रदेश में मानसून छा जाएगा। मौसम विभाग ने पहले कहा था कि चक्रवात ‘बिपरजॉय’ मानसून को प्रभावित कर रहा है। केरल में इसका शुरुआत ‘‘मामूली’’ होगी।
दक्षिण पश्चिम मानसून आम तौर पर केरल में एक जून तक पहुंच जाता है। सामान्यत: एक जून से करीब 7 दिन पहले या बाद में यह पहुंचता है। मई के मध्य में आईएमडी ने कहा था कि मॉनसून केरल में चार जून के आसपास पहुंच सकता है।
दिल्ली में 28 जून तक पहुंच सकता है मानसून
इस बार मानसून देरी से आया है। ऐसे में मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के देरी से आने से उत्तर भारत में इसके पहुंचने का कोई संबंध नहीं है। कहने का मतलब ये हुआ कि ये अपने तय समय से भी कुछ इलाकों में पहुंच सकता है। ऐसे में मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दिल्ली में मानसून तय समय 28 जून तक पहुंच सकता है। जबकि जून मध्य में उत्तर प्रदेश में यह दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि यह धीरे-धीरे पंजाब, हरियाणा, बिहार जैसे राज्यों की ओर आगे बढ़ेगा। इतना ही नहीं मानसून के देर से आने का यह मतलब नहीं है कि कम बारिश होगी।
केरल में मानसून की तारीख अलग अलग
पिछले 150 सालों में केरल में मानसून की शुरुआत की तारीख अलग-अलग रही है। सन 1918 में समय से काफी पहले 11 मई को और 1972 में सबसे देरी से 18 जून को आया था। दक्षिण पश्चिम मानसून पिछले साल 29 मई को 2021 में 3 जून को, 2020 में 1 जून को, साल 2019 में 8 जून को और साल 2018 में यह 29 मई को केरल पहुंचा था।