Covid Center Scam: मुंबई में ED की बड़ी कार्रवाई, सुजीत पाटकर समेत अन्य की 12 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त

Mumbai Covid Center Scam: ED ने आरोप लगाया कि 'लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज' ने अधूरे और जाली दस्तावेजों के आधार पर जुलाई 2020-फरवरी 2022 के लिए दहीसर और वर्ली में जंबो कोविड सेंटर में डॉक्टरों, नर्स और अन्य कर्मचारियों तथा टेक्नीशियंस जैसे स्टाफ सदस्यों की नियुक्ति के लिए ठेका हासिल किया।

अपडेटेड Dec 22, 2023 पर 6:33 PM
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ED ने पाटकर और दहीसर जंबो कोविड केयर सेंटर में BMC के पूर्व डीन डॉ. किशोर बिसुरे को जुलाई में गिरफ्तार किया था

Mumbai Covid Center Scam: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को कहा कि उसने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद संजय राउत के कथित सहयोगी सुजीत पाटकर (Sujit Patkar) समेत कई लोगों की 12 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की है। एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी की जांच मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा संचालित कोविड केयर सेंटर के गठन में कथित धोखाधड़ी से संबद्ध है।

लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज के साझेदार सुजीत पाटकर, डॉ. हेमंत गुप्ता, राजीव सालुंखे, संजय शाह और उनके साथी सुनील कदम उर्फ बाला कदम के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर PMLA के तहत मुंबई में तीन फ्लैट, म्यूच्युल फंड और बैंक में जमा राशि अस्थायी रूप से कुर्क की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 12.24 करोड़ रुपये है। यह जांच दहीसर और वर्ली में स्थित जंबो कोविड सेंटर में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मुंबई पुलिस की FIR से निकला है।

BMC के अधिकारी हो चुके हैं गिरफ्तार


ED ने पाटकर और दहीसर जंबो कोविड केयर सेंटर में BMC के पूर्व डीन डॉ. किशोर बिसुरे को जुलाई में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, वह न्यायिक हिरासत में अभी एक जेल में बंद हैं। ये कथित अनियमितताएं तब हुईं जब BMC ने जून 2020 में विभिन्न जंबो कोविड सेंटरों में ICU, ऑक्सीजन बेड और गैर-ऑक्सीजन बेड में मानव संसाधनों की आपूर्ति के लिए कॉन्ट्रेक्ट जारी की।

क्या है आरोप?

ED ने आरोप लगाया कि 'लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज' ने अधूरे और जाली दस्तावेजों के आधार पर जुलाई 2020-फरवरी 2022 के लिए दहीसर और वर्ली में जंबो कोविड सेंटर में डॉक्टरों, नर्स और अन्य कर्मचारियों तथा टेक्नीशियंस जैसे स्टाफ सदस्यों की नियुक्ति के लिए ठेका हासिल किया।

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज के साझेदारों ने BMC कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर सितंबर 2020 से जून 2022 के बीच निगम के अधिकारियों से 32.44 करोड़ रुपये हासिल कर लिए।

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उसने आरोप लगाया कि राउत के कथित करीबी सहयोगी पाटकर और लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजेंट सर्विसेज के अन्य साझेदारों ने संपत्तियां खरीदने, आवासीय कर्ज फिर से चुकाने, रियल एस्टेट कारोबार में निवेश करने के लिए इस निधि में हेरफेर किया। एजेंसी ने 15 सितंबर को मुंबई में एक स्पेशल PMLA कोर्ट में इस मामले में एक चार्जशीट दाखिल किया था।

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