मौत से 6 दिन पहले कनाडा इंटेल के वरिष्ठ अधिकारियों से मिला था निज्जर, बेटे ने किया दावा, भारत ने दिए ISI की भूमिका के संकेत

21 साल के बलराज सिंह ने अपने बयान में दावा किया कि उनके पिता ने फरवरी के बाद CSIS अधिकारियों से मिलना शुरू किया और उनकी हत्या के दो दिन बाद भी उनसे मिलने का कार्यक्रम था। सूत्रों ने कहा कि एजेंसियों ने सवाल किया कि अगर भारतीय एजेंटों के खिलाफ विश्वसनीय खुफिया जानकारी उपलब्ध थी, तो निज्जर को नजदीकी सुरक्षा क्यों नहीं दी गई

अपडेटेड Sep 27, 2023 पर 9:47 PM
Story continues below Advertisement
मौत से 6 दिन पहले कनाडा इंटेल के वरिष्ठ अधिकारियों से मिला था निज्जर

खालिस्तानी समर्थक (Khalistani Supporter) हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) कनाडा (Canada) के सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) के साथ लगातार संपर्क में थे। उसके बेटे ने ऐसा दावा किया है। उसने ये भी बताया कि इस साल जून में मारे जाने से छह दिन पहले भी उसने वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों से मुलाकात की थी। निज्जर के बेटे के इस बायन से, भारत के उन दावों को बल मिलता दिख रहा, जिसमें उसने इस मामले के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने की बात कही थी।

CNN-News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि 21 साल के बलराज सिंह ने अपने बयान में दावा किया कि उनके पिता ने फरवरी के बाद CSIS अधिकारियों से मिलना शुरू किया और उनकी हत्या के दो दिन बाद भी उनसे मिलने का कार्यक्रम था।

सूत्रों ने कहा कि एजेंसियों ने सवाल किया कि अगर भारतीय एजेंटों के खिलाफ विश्वसनीय खुफिया जानकारी उपलब्ध थी, तो निज्जर को नजदीकी सुरक्षा क्यों नहीं दी गई।


सूत्रों ने कहा कि उन्हें सुरक्षा नहीं देने के फैसले से पता चलता है कि किसी तरह से, कनाडा के लोगों ने भी ISI का समर्थन किया और निज्जर के हत्यारों के लिए भी रास्ता आसान कर दिया, जिससे जांच धीमी हो गई।

उन्होंने कहा कि निज्जर के किसी परिचित के बिना ऐसा करना असंभव था। क्योंकि खालिस्तानी समर्थक बेहद सतर्क और संरक्षित था। भारत को बैकफुट पर लाने के लिए ISI की तरफ से हत्या की साजिश रची गई थी।

सूत्रों के अनुसार, ऐसा आशंका है कि राहत राव और तारिक कियानी, कनाडा में दो ISI के एजेंट, को बिजनेस कारणों से या नए लोगों से ज्यादा कट लेने के लिए निज्जर को मारने का काम दिया गया था।

ये काम किसी को इसलिए दिया गया था, ताकि ड्रग बिजनेस को राव और कियानी के सीधे कंट्रोल किया जा सके। क्योंकि निज्जर समय के साथ शक्तिशाली होता जा रहा था और स्थानीय कनाडाई समुदाय में लोकप्रियता हासिल कर रहा था।

सूत्रों ने कहा कि राव, कियानी और गुरपतवंत सिंह पन्नून की तिकड़ी ने संभवतः ड्रग और इमिग्रेशन बिजनेस को नियंत्रित करने के लिए जाल बिछाया था, जो उनकी कमाई का मुख्य स्रोत है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।