PM मोदी इंडियन साइंस कांग्रेस का किया उद्घाटन, बोले- 'स्टार्टअप के मामले में दुनिया के टॉप 3 देशों में है भारत', पढ़ें बड़ी बातें

Indian Science Congress: प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत Phds के मामले में दुनिया के टॉप 3 देशों में है। आज भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में दुनिया के टॉप 3 देशों में है। पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत जिस साइंटिफिक अप्रोच के साथ आगे बढ़ रहा है, हम उसके नतीजे भी देख रहे हैं

अपडेटेड Jan 03, 2023 पर 12:05 PM
Indian Science Congress: प्रधानमंत्री अपने अति व्यस्त कार्यक्रम की वजह से ऑनलाइन माध्यम से इस आयोजन में शामिल हुए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंगलवार को इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन (108th Indian Science Congress Association) के 108वें सत्र के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। साइंस कांग्रेस के उद्घाटन के बाद इस दौरान स्टार्टअप्स (Startups) की महत्वता पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत स्टार्टअप के मामले में दुनिया के टॉप तीन देशों में शामिल है। साल 2015 तक हम ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स के मामले में 130 देशों में से 81वें पायदान पर थे, लेकिन साल 2022 में 40वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि भारत की वैज्ञानिक समुदाय भारत को 21वीं सदी में वो मुकाम हासिल कराएगी, जिसका वो हमेशा हकदार रहा है। पीएम मोदी ने कहा, "अगले 25 वर्षों में भारत जिस ऊंचाई पर होगा, उसमें भारत की वैज्ञानिक शक्ति की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी। विज्ञान में जोश के साथ जब देश की सेवा का संकल्प जुड़ जाता है तो नतीजे भी अभूतपूर्ण आते हैं।"

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "आज भारत Phds के मामले में दुनिया के टॉप 3 देशों में है। आज भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में दुनिया के टॉप 3 देशों में है।" पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत जिस साइंटिफिक अप्रोच के साथ आगे बढ़ रहा है, हम उसके नतीजे भी देख रहे हैं। साइंस के क्षेत्र में भारत तेजी से विश्व के टॉप देशों में शामिल हो रहा है। 2015 तक हम 130 देशों की वैश्विक स्टार्टअप्स सूचकांक में 81 नंबर पर थे और 2022 में हम 40वें नंबर पर पहुंच गए हैं।


पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के आज के भारत में हमारे पास दो चीज़े हैं- पहली डेटा और दूसरी तकनीक है। इन दोनों में भारत के विज्ञान को नई बुलंदियों में पहुंचाने की ताकत है। डेटा विश्लेषण की फील्ड तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। पीएम ने कहा कि आज देश की सोच केवल यह नहीं है कि साइंस के जरिए वुमन इम्पावरमेंट करें, बल्कि वुमन की भागीदारी से साइंस का भी इम्पावरमेंट करें। साइंस और रिसर्च को नई गति दें, यह हमारा लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आवश्यकता की पूर्ति के लिए भारत में विज्ञान का विकास हमारे वैज्ञानिक समुदाय की मूल्य प्रेरणा होनी चाहिए। भारत में विज्ञान भारत को आत्मनिर्भर बनाने वाली होनी चाहिए। इंडियन साइंस कांग्रेस में पीएम मोदी ने कहा कि अगले 25 वर्षों में भारत जिस ऊंचाई पर होगा, उसमें भारत की वैज्ञानिक शक्ति की बड़ी भूमिका है। कोविड-19 की वजह से दो साल के अंतराल के बाद यह समारोह हो रहा है।

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पिछली इंडियन साइंस कांग्रेस जनवरी 2020 में बेंगलुरु में आयोजित की गई थी। पांच दिवसीय 108वीं इंडियन साइंस कांग्रेस राष्ट्रसंत तुकोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में आयोजित की जा रही है जो इस साल अपनी स्थापना का शताब्दी समारोह मना रहा है। गत दो दशक में पहली बार होगा जब प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से विभिन्न क्षेत्रों के शीर्ष वैज्ञानिकों के समागम में हिस्सा नहीं लेंगे। प्रधानमंत्री अपने अति व्यस्त कार्यक्रम की वजह से ऑनलाइन माध्यम से इस आयोजन में शामिल हुए।

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