प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चक्रवाती तूफान बिपरजोय (Cyclone Biparjoy) से संबंधित हालात की समीक्षा के लिए सोमवार को एक हाईलेवल मीटिंग करेंगे। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि बिपरजोय के बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में सौराष्ट्र-कच्छ के तटीय क्षेत्र में दस्तक देने की संभावना है। इसके मद्देनजर गुजरात के उत्तरी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने संबंधी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। साथ ही इन जिलों से लोगों को निकाला जा रहा है। देवभूमि द्वारका में अधिकारियों ने बताया कि अब तक करीब 1,300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
इससे हपले केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने चक्रवात बिपरजोय के प्रभावों से निपटने के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और गुजरात प्रशासन की तैयारियों का रविवार को जायजा लिया। चक्रवात गंभीर चक्रवातीय तूफान में बदल गया है और उसके 15 जून को गुजरात के कच्छ जिले से लेकर पाकिस्तान के कराची के बीच टकराने की संभावना है।
मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि केन्द्रीय गृह सचिव ने राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की एक बैठक की अध्यक्षता की और चक्रवात बिपरजोय के प्रभावों से निपटने के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और गुजरात प्रशासन की तैयारियों का जायजा लिया।
आपदा प्रबंधन कानून के अनुसार, राष्ट्रीय कार्यकारी समिति देश में आपदा प्रबंधन के लिए विभिन्न नीतियों और योजनाओं के निर्माण के लिए जिम्मेदार है। चक्रवात बिपरजोय के प्रभावों से निपटने में गुजरात प्रशासन की मदद करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षकों के दल और उपकरण आदि पर्याप्त संख्या में तैनात किए गए हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि गुजरात सरकार ने चक्रवात बिपरजोय के प्रभावों से निपटने के लिए हरसंभव एहतियाती कदम उठाए हैं और चक्रवात के टकराने के बाद सेवाओं की पुन:बहाली के लिए पूरी तरह तैयार है। गुजरात के मुख्य सचिव, केंद्र सरकार के मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों, भारत मौसम विज्ञान विभाग और एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों आदि ने इस बैठक में हिस्सा लिया।