Get App

PM Modi Interview: मोदी ने G20 बैठक पर पाकिस्तान, चीन की आपत्तियों को खारिज किया, रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बोले, पढ़ें 10 बड़ी बातें

PTI को दिए एक इंटरव्यू में, प्रधान मंत्री ने कहा कि देश के हर हिस्से में बैठकें आयोजित करना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, "ऐसा सवाल वाजिब होगा, अगर हमने उन स्थानों पर बैठकें आयोजित करने से परहेज किया होता। हमारा देश इतना विशाल, सुंदर और विविधतापूर्ण है। जब G20 बैठकें हो रही हैं, तो क्या ये स्वाभाविक नहीं है कि बैठकें हमारे देश के हर हिस्से में आयोजित की जाएंगी दे

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 06, 2023 पर 1:55 PM
PM Modi Interview: मोदी ने G20 बैठक पर पाकिस्तान, चीन की आपत्तियों को खारिज किया, रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बोले, पढ़ें 10 बड़ी बातें
PM Modi Interview: 'इंटरनेशनल इवेंट की मेजबानी अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं

PM Modi Interview: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में G20 बैठक (G20 meetings) आयोजित करने पर पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) की आपत्तियों को खारिज कर दिया। PTI को दिए एक इंटरव्यू में, प्रधान मंत्री ने कहा कि देश के हर हिस्से में बैठकें आयोजित करना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, "ऐसा सवाल वाजिब होगा, अगर हमने उन स्थानों पर बैठकें आयोजित करने से परहेज किया होता। हमारा देश इतना विशाल, सुंदर और विविधतापूर्ण है। जब G20 बैठकें हो रही हैं, तो क्या ये स्वाभाविक नहीं है कि बैठकें हमारे देश के हर हिस्से में आयोजित की जाएंगी।"

न्यूज एजेंसी को दिए अपने इंटरव्यू में, PM मोदी ने G20 शिखर सम्मेलन (G20 Summit), आतंकवाद, भारत की आर्थिक वृद्धि, 'सबका साथ सबका विकास' मॉडल आदि समेत कई मुद्दों पर बात की। पढ़ें, प्रधान मंत्री के इंटरव्यू की 5 बड़ी बातें।

1- प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने G20 में भारत की अध्यक्षता पर बात की और इसे महामारी से लड़ने की कोशिशों, मानव-केंद्रित विकास दृष्टिकोण और टीकाकरण अभियान से जोड़ा। उन्होंने कहा, "भारत के अनुभव को देखते हुए ये माना गया कि संकट के दौरान भी मानव-केंद्रित दृष्टिकोण काम करता है।"

उन्होंने कहा, "साफ और समन्वित दृष्टिकोण के जरिए महामारी के प्रति भारत की प्रतिक्रिया, प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके सबसे कमजोर लोगों को सीधी सहायता, टीके के साथ आना और दुनिया का सबसे बड़ा टीका अभियान चलाना, और लगभग 150 देशों के साथ दवाएं और टीके साझा करना - नोट किया गया और खूब सराहा गया।"

सब समाचार

+ और भी पढ़ें