'बतौर मुख्यमंत्री 8 साल में केवल दो बार विदेश गया', फिनलैंड में शिक्षकों की ट्रेनिंग को लेकर LG के साथ विवाद के बीच बोले अरविंद केजरीवाल

सरकारी स्कूल के शिक्षकों के साथ बातचीत के दौरान CM अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने टिप्पणी की कि उन्होंने पिछले आठ सालों में सिर्फ दो बार विदेश यात्रा की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर महीने विदेश यात्रा करने वाले दूसरे नेताओं के उलट, केजरीवाल की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है

अपडेटेड Jan 22, 2023 पर 7:03 PM
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकारी स्कूल के शिक्षकों के साथ बातचीत की

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना (VK Saxena) के बीच लगातार विवाद जारी है। इसी कड़ी में अब एक नया विवाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों (Delhi School Teachers) को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड (Finland-based training program) भेजने का मुद्दा है। रविवार को सरकारी स्कूल के शिक्षकों के साथ बातचीत के दौरान सीएम ने टिप्पणी की कि उन्होंने पिछले आठ सालों में सिर्फ दो बार विदेश यात्रा की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर महीने विदेश यात्रा करने वाले दूसरे नेताओं के उलट, केजरीवाल की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है।

केजरीवाल ने कहा, "मुझे मुख्यमंत्री बने आठ साल हो गए हैं, मैं केवल दो बार विदेश गया हूं। मदर टेरेसा की पुण्यतिथि पर रोम गया, और एक बार दक्षिण अफ्रीका गया। मुझे विदेश जाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। दिल्ली सरकार अपने शिक्षकों को विदेश में अच्छी ट्रेनिंग के लिए भेजना चाहती है।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि वह चाहते हैं कि शहर के सरकारी स्कूल दुनिया में सबसे बेहतर हों, ताकि विदेश से छात्र यहां शिक्षा हासिल करने के लिए आएं। विदेशों में ट्रेनिंग के लिए गए शिक्षकों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने उनसे कहा कि वह उन्हें विदेश भेजते रहेंगे और उन्हें दिल्ली और देश के लोगों का समर्थन प्राप्त है।


उन्होंने कहा, "कुछ लोग इसे खर्च मानते हैं, लेकिन ये निवेश है। मुझे लगता है कि आप चार पुल कम और चार सड़कें कम बना सकते हैं, लेकिन हमें अपने शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देना चाहिए। वे छात्रों को तैयार करेंगे, जो भविष्य में सड़कें और पुल बनाएंगे।"

उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अच्छा काम करने वालों को नीचा दिखाने की प्रवृत्ति है।

केजरीवाल ने कहा, "कुछ ऐसे लोग हैं, जो हमारा अच्छा काम देखते हैं और जलन महसूस करते हैं। वे हमें बदनाम करना चाहते हैं। लेकिन मेरी दलगत राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। अगर कोई BJP या कांग्रेस का व्यक्ति देश में कहीं शिक्षा व्यवस्था सुधारना चाहता है, तो मैं मनीष सिसोदिया को कुछ दिनों के लिए उनकी मदद करने को कह दूंगा। हम पूरे देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार करना चाहते हैं।"

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उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मकसद शिक्षकों को सीखने का बेहतर अनुभव देना है। उन्होंने कहा, "हमें अंतरराष्ट्रीय स्कूलों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है। एक समय था, जब हम चाहते थे कि सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से बेहतर हों और ऐसा हुआ भी। अब हम चाहते हैं कि हमारे स्कूल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बनें। हम सर्वश्रेष्ठ होने की कल्पना करते हैं।"

केजरीवाल ने कहा कि लेकिन अभी भी सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश शिक्षकों को दुनिया की सर्वोत्तम प्रथाओं से परिचित कराने का है। उन्होंने कहा, "हमारे आलोचक भी मानते हैं कि दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। ये दिल्ली के दो करोड़ लोगों की वजह से हुआ है।"

उन्होंने कहा कि 2015 से पहले, स्कूल बेहद खराब स्थिति में थे, लेकिन अब उनकी स्थिति बेहतर हैं। उन्होंने इस बदलाव के लिए शिक्षकों की सराहना की।

क्या है फिनलैंड में शिक्षकों की ट्रेनिंग का विवाद?

फिनलैंड में शिक्षकों की ट्रेनिंग के मुद्दे पर दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय के बीच विवाद जारी है। इस हफ्ते की शुरुआत में, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अंतिम मंजूरी के लिए LG सक्सेना को प्रस्ताव भेजा था, जिसमें कहा गया था कि प्रस्ताव का लागत-लाभ विश्लेषण किया गया था।

केजरीवाल ने पहले कहा था कि दिल्ली LG वीके सक्सेना ने प्रोग्राम की लागत की पूछताछ करते हुए प्रस्ताव वाली फाइल को दो बार वापस कर दिया।

उपराज्यपाल के कार्यालय ने इसके जवाब में कहा कि सक्सेना ने केवल दिल्ली सरकार को प्रस्ताव का समग्रता में मूल्यांकन करने और अतीत में किए गए ऐसे विदेशी ट्रेनिंग प्रोग्राम का कैसा असर रहा, इसका आकलन करने की सलाह दी थी।

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