अरविंद केजरीवाल को फिर झटका, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए डॉक्टर से परामर्श की नहीं मिली इजाजत

Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली शराब नीति केस में तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डायबिटीज की रेगुलर जांच, कंसल्टेंशन और इंसुलिन की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने एम्स को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है

अपडेटेड Apr 22, 2024 पर 5:56 PM
Arvind Kejriwal arrested News: ED ने केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था। वह इस समय तिहाड़ जेल में हैं

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को शराब नीति केस (Delhi Liquor Policy Case) में तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने जेल अधिकारियों को इंसुलिन देने का आदेश देने की मांग की थी। गंभीर डायबिटीज और ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव के कारण रोजाना 15 मिनट की वीडियो परामर्श की अनुमति देने की केजरीवाल की याचिका भी अस्वीकार कर दी गई।

राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल याचिका में CM केजरीवाल ने तिहाड़ जेल (Tihar Jail) के अधिकारियों को उन्हें इंसुलिन देने का निर्देश देने और उनके शुगर लेवल, डायबिटीज को लेकर रोजाना 15 मिनट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डॉक्टर से मेडिकल कंसल्टेशन के लिए परमिशन की मांग की थी।

मेडिकल टीम गठित करने का आदेश


अदालत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जांच करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है। बोर्ड यह तय करेगा कि केजरीवाल के ब्लड शुगर लेवल की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन की जरूरत है या नहीं। साथ ही बोर्ड उनके स्वास्थ्य संबंधी अन्य पहलुओं पर भी गौर करेगा।

CBI (केंद्रीय जांज ब्यूरो) और ED (प्रवर्तन निदेशालय) मामलों की विशेष जज कावेरी बावेजा की अदालत ने केजरीवाल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस की मदद से अपने डॉक्टरं से परामर्श लेने के लिए दाखिल अर्जी को खारिज करते हुए यह आदेश सुनाया।

AAP का बड़ा आरोप

केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि जेल में उन्हें इंसुलिन नहीं दी जा रही है, जिससे उनके ब्लड शुगर लेवल चिंताजनक स्थिति तक पहुंच गया है। तिहाड़ जेल प्रशासन ने रविवार को बताया कि उन्होंने 20 अप्रैल को एम्स के वरिष्ठ विशेषज्ञों के साथ केजरीवाल के लिए एक वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। उन्होंने दावा किया कि बैठक में केजरीवाल ने इंसुलिन की मात्रा नहीं बढ़ाई और न ही डॉक्टरों ने ऐसा कोई सुझाव दिया था।

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आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया है कि तिहाड़ प्रशासन डायबिटीज से पीड़ित केजरीवाल को इंसुलिन देने से इनकार कर रहा है। आप ने इसे "हत्या" करने की "साजिश" करार देते हुए उन पर उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

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