Badlapur Sex Assault Case: बदलापुर यौन उत्पीड़न के आरोपी की पुलिस कस्टडी में मौत ने महाराष्ट्र में एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। अक्षय शिंदे के परिवार ने इस घटना को "फर्जी एनकाउंट" बताया और न्याय की मांग की। जबकि महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि पुलिस ने "आत्मरक्षा" में कार्रवाई की। वहीं, विपक्ष ने न्यायिक जांच की मांग की और घटना पर सवाल उठाए। ठाणे के पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुंबरे ने घटना की जांच के लिए आठ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। मुंब्रा बाईपास के पास यह ङटना हुई थी, जब आरोपी को सोमवार (23 सितंबर) को जांच के लिए तलोजा जेल से बदलापुर ले जाया जा रहा था।
बदलापुर यौन शोषण मामले के आरोपी अक्षय शिंदे के परिवार के सदस्यों ने पुलिस के दावे को चुनौती दी है। पुलिस ने दावा किया है कि पहले अक्षय ने एक पुलिसकर्मी पर गोली चलाई जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की जिससे उसकी मौत हो गई। शिंदे के परिजनों ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने यौन शोषण मामले में जुर्म कबूलने के लिए उस पर दबाव बनाया था।
24 वर्षीय शिंदे पर ठाणे जिले के बदलापुर शहर में एक स्कूल में दो बच्चियों का यौन शोषण करने का आरोप था। बदलापुर के स्कूल में अनुबंधित सफाईकर्मी शिंदे को स्कूल के शौचालय में दो लड़कियों का कथित तौर पर यौन शोषण करने के पांच दिन बाद 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।
एक अधिकारी ने बताया था कि शिंदे को सोमवार शाम को उसकी पूर्व पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए एक अन्य मामले की जांच के सिलसिले में जब पुलिस के एक वाहन में ले जाया जा रहा था। तभी उसने पुलिसकर्मियों में से एक की रिवॉल्वर छीन ली और गोली चला दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की, जिसमें उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि शिंदे ने एक एपीआई पर गोली चलाई जिसके बाद पुलिस दल में शामिल एक अन्य अधिकारी ने उस पर गोली चलाई। कलवा सिविक अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके परिवार के सदस्यों ने इस पर सवाल खड़े किए हैं कि शिंदे ने पहले पुलिसकर्मी पर गोली चलायी और बाद में पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की।
शिंदे की मां और चाचा ने कलवा अस्पताल के बाहर पत्रकारों से कहा, "यह कहना गलत है कि पहले उसने एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीनी और गोली चलाई तथा बाद में पुलिस ने आत्मरक्षा में उस पर गोली चलाई।" उन्होंने दावा किया, पुलिस ने दबाव बनाकर उससे इकबालिया बयान लिखवाया कि उसने अपराध किया है। उन्होंने उससे क्या लिखवाया है, यह तो वही जानें।"
अक्षय शिंदे के पिता अन्ना शिंदे ने कहा कि उनके बेटे की हत्या की जांच की जानी चाहिए। उसकी मां और चाचा ने आरोप लगाया कि यह पुलिस और बदलापुर स्कूल मैनेजमेंट की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि अक्षय ने अपने एक रिश्तेदार को बताया था कि हिरासत में पुलिस ने उसे पीटा है और उसने पैसे मांगते हुए एक पर्ची भी भेजी थी।
उसकी मां और चाचा ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाया और कहा कि वह किसी पुलिसकर्मी का हथियार नहीं छीन सकता था। उन्होंने बताया कि वह तनाव में नहीं था। पीटीआई के मुताबिक उन्होंने आरोप लगाया, "पुलिस ने हमारे बच्चे की हत्या कर दी। स्कूल मैनेजमेंट की भी जांच की जानी चाहिए। पुलिस ने उससे कुछ लिखवाया था लेकिन हमें नहीं पता कि क्या लिखवाया, केवल वह जानता था।"
अक्षय की मां ने पूछा, "मेरा बेटा पटाखे जलाने और सड़क पार करने से भी डरता था। वह किसी पुलिसकर्मी पर गोली कैसे चला सकता है?" उसके परिवार के सदस्यों ने भी कहा कि उसके खिलाफ मामले में सुनवाई के लिए उसे अदालत ले जाया जाना चाहिए था और पुलिस ने कैसे उसे गोली मार दी। उन्होंने कहा, "अक्षय के खिलाफ मामलों में आरोप साबित नहीं हुए हैं।" अक्षय की मां ने बताया कि वह उनसे पूछता था कि वह कब रिहा होगा।
उसके शव को मंगलवार को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते हुए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। अक्षय के माता-पिता को भी अपने मृत बेटे को देखने के लिए कलवा सिविक अस्पताल के एंट्री द्वार के बाहर इंतजार करते हुए देखा गया। शिंदे को मृत घोषित किए जाने के बाद किसी को भी कलवा अस्पताल के उस कमरे के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई जहां शव रखा गया था। अस्पताल के आसपास के इलाके में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को वहां तैनात किया गया है।