क्या फिर पाला बदलेंगे नीतीश कुमार! JDU-BJP के बीच तकरार से खतरे में बिहार सरकार, आज हो सकता है बड़ा फैसला

बिहार में सभी की निगाहें आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा अपने-अपने विधायकों की बुलाई गई बैठकों पर है

अपडेटेड Aug 09, 2022 पर 10:46 AM
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बिहार में एक बार फिर बीजेपी-जेडीयू का गठबंधन टूट सकता है

बिहार की राजनीति में आज यानी मंगलवार का दिन काफी अहम है। सभी की निगाहें आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा अपने-अपने विधायकों की बुलाई गई बैठकों पर है, जिससे राज्य में राजनीतिक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। बिहार के पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर आरजेडी विधायकों की बैठक बुलाई गई है। बड़ी खबर यह है कि इस महत्‍वपूर्ण बैठक में कांग्रेस भी शामिल होगी।

हालांकि, नीतीश (Nitish Kumar) के विश्वासपात्र माने जाने वाले राज्य के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में संकट नहीं दिख रहा है। मुख्यमंत्री ने अपना जनता दरबार कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई मंत्री मौजूद थे।

जनता दल यूनाइडेट (JDU) पार्टी के सांसदों और विधायकों की अहम बैठक से एक दिन पहले जेडीयू ने सोमवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जो भी फैसला लिया जाएगा, वह संगठन में सभी को स्वीकार्य होगा। जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने यह भी कहा कि पार्टी के अंदर किसी तरह के विभाजन या फूट का कोई सवाल ही नहीं है।


तेजस्वी यादव लेंगे फैसला

इस बीच, विपक्षी पार्टी की तरफ से एक बयान जारी कर कहा गया है कि RJD के संस्थापक अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले तेजस्वी यादव को पार्टी की ओर से सभी निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है। पार्टी के अन्य साथी द्वारा प्रसारित सभी विचारों को उनकी व्यक्तिगत राय माना जाएगा। पार्टी नेतृत्व से प्राधिकृत राय ही दल का रूख होगा।

BJP ने साधी चुप्पी

बिहार में राजनीतिक बदलाव की अटकलों के बीच बीजेपी की राज्य इकाई की ओर से कोई प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है। देर शाम पार्टी नेताओं ने उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के आवास पर बंद कमरों में हालांकि मुलाकात की, लेकिन क्या नतीजे रहे इस पर कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं दिखा।

राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने राज्य में राजनीतिक बदलाव की अटकलों के बीच एक कदम आगे बढ़ते हुए नीतीश के बीजेपी से नाता तोड़ लेने की स्थिति में बिना शर्त उनका समर्थन करने का एकतरफा ऐलान कर दिया है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) सचिव और पार्टी विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि सभी पार्टी विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश के बीजेपी से नाता तोड़ने की स्थिति में अस्तित्व में आने वाले नए समीकरण का समर्थन करने का संकल्प लिया है।

पहले से ही मुखर रही है JDU

1990 के दशक से एक-दूसरे की सहयोगी रही जेडीयू और बीजेपी की हाल के दिनों में अग्निपथ योजना, जाति जनगणना, जनसंख्या कानून और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों पर अलग-अलग राय रही है। हालांकि, जेडीयू ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों में NDA के उम्मीदवारों का समर्थन किया।

हालांकि, मुख्ममंत्री नीतीश कुमार की इनसे संबंधित कई कार्यक्रमों में अनुपस्थिति और रविवार को नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होने के उनके फैसले के साथ-साथ जेडीयू और बीजेपी के बीच राजनीतिक गतिरोध की अटकलों के बीच वे अपनी चुप्पी कब तोड़ते हैं, इसपर अब सबकी निगाहें टिकीं हुई हैं।

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