Bihar Politics: बिहार (Bihar) में महज एक दिन में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपने सत्ता के साथी बदल दिए। बुधवार को राजभवन में JDU नेता नीतीश कुमार ने आठवीं बार मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली और उनके साथ RJD नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मंगलवार को जिस वक्त ये सब हो रहा था, उस वक्त बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन (Shahnawaz Hussain) बिहार के उद्योग मंत्री (Minister of industries of Bihar) के तौर पर दिल्ली में बिहार के Investment Promotion Office का उद्घाटन कर रहे थे।
गौर करने वाली बात ये है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जिस समय वह बिहार में निवेश लाने के लिए इस प्रमोशन ऑफिस का उद्घाटन कर रहे थे, ठीक उसी समय उनकी कर्सी उनसे छीनी जा रही थी।
जब कार्यक्रम में मीडिया ने उनसे सत्ता के उलटफेर के बारे में पूछा, तो उन्होंने यह कहते हुए बात टालने की कोशिश की कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। शाहनवाज ने कहा कि मैं फ्लाइट से पटना रवाना हो रहा हूं।
शाहनवाज हुसैन ने कहा, "मैं 3 बजे की फ्लाइट से पटना रवाना हो रहा हूं। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। हम दिन रात मेहनत करके उद्योग को पटरी पर लाए हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि उद्योग पटरी पर रहेगा।"
हालांकि, बाद में पटना पहुंचने पर शाहनवाज ने खुद भी इस पर प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते दिख रहे हैं, "मैंने टेकऑफ किया था बिहार के उद्योग मंत्री के तौर पर और लैंड किया तो पता लगा कि मैं उद्योग मंत्री ही नहीं हूं। सरकार ही बदल गई।"
इतना ही नहीं शाहनवाज हुसैन ने नीतीश कुमार के फैसले को बिहार की जनता, बिहार के युवाओं से, बिहार के उद्यमियों से और बिहार की उम्मीद और आकांक्षाओं से विश्वासघात करार दिया।
असल में शाहनवाज ने जिस 'निवेश प्रमोशन ऑफिस' का उद्घाटन किया उसे बिहार में उद्योग का विस्तार और निवेश लाने के मकसद से दिल्ली में शुरू किया गया था। राज्य के औद्योगिकीकरण की रफ्तार को और तेज करने और उद्योग का जाल फैलाना के लिए ही इसकी शुरुआत की गई थी।