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बृज बिहारी मर्डर केस में बाहुबली मुन्ना शुक्ला को उम्रकैद, सुप्रीम कोर्ट से सूरजभान सिंह बरी

Brij Bihari Prasad Murder Case: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (3 अक्टूबर) को 1998 के बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में मुन्ना शुक्ला और एक अन्य को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। हालांकि, शीर्ष अदालत ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत छह अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ दिया

Curated By: Akhileshअपडेटेड Oct 03, 2024 पर 2:37 PM
बृज बिहारी मर्डर केस में बाहुबली मुन्ना शुक्ला को उम्रकैद, सुप्रीम कोर्ट से सूरजभान सिंह बरी
Brij Bihari Prasad Murder Case: बृज बिहारी प्रसाद की पत्नी और पूर्व बीजेपी सांसद रमा देवी 2014 के हाई कोर्ट आदेश को चुनौती दी थी

Brij Bihari Prasad Murder Case: बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बृज बिहारी प्रसाद की 1998 में हुई हत्या के मामले में पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला समेत दो लोगों को गुरुवार (3 अक्टूबर) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। देश की सबसे बड़ी अदालत ने बृज बिहारी हत्याकांड में बाहुबली विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सांसद और माफिया सूरजभान सिंह एवं पांच अन्य को मामले में बरी कर दिया है।

जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने सभी आरोपियों को बरी करने के पटना हाई कोर्ट के फैसले को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया। शीर्ष अदालत ने दोषी मंटू तिवारी और पूर्व विधायक शुक्ला को 15 दिन के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा। हालांकि, शीर्ष अदालत ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत छह अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए उन्हें बरी करने के हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।

पीटीआई के मुताबिक, पीठ ने कहा कि तिवारी और विजय कुमार शुक्ला उर्फ ​​मुन्ना शुक्ला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत आरोप साबित हुए हैं । साथ ही पीठ ने उन्हें 15 दिन के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा।

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