CAA Rules: देश में लागू हुआ CAA, लोकसभा चुनाव से पहले गृह मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन

CAA Rules: नागरिकता संशोधन कानून लागू करने की घोषणा के बाद केंद्र ने इसके नियमों को अधिसूचित कर दिया है। उम्मीद है कि पूरी CAA की पूरी रूल लिस्ट जल्द ही सामने आ जाएगी। गृह मंत्रालय एक बयान कर इसकी पुष्टि कर दी है। साथ ही MHA ने अपने बयान में कहा, "नागरिकता के लिए आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में जमा किए जाएंगे, जिसके लिए एक वेब पोर्टल उपलब्ध कराया गया है

अपडेटेड Mar 11, 2024 पर 7:01 PM
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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देश में लागू हुआ CAA

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) से पहले आखिरकार मोदी सरकार ने देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CCA) को नियमों को लागू कर दिया है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने देश में CAA का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इसक मतलब है कि CAA नियम अब देश में लागू हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व वाली सरकार ने सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करने की घोषणा की। यह कदम लोकसभा चुनाव 2024 से पहले आदर्श आचार संहिता (MCC) लागू होने से पहले आया है।

MHA ने X पर एक बयान में कहा, “गृह मंत्रालय आज नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (CAA-2019) के तहत नियमों को अधिसूचित करेगा। नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 कहे जाने वाले ये नियम CAA-2019 के तहत पात्र व्यक्तियों को भारतीय नागरिकता देने के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाएंगे।”


इसमें कहा गया है, "आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में जमा किए जाएंगे, जिसके लिए एक वेब पोर्टल उपलब्ध कराया गया है।"

BJP ने घोषणा पत्र में किया था CAA का वादा

CAA, 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र का एक अभिन्न अंग था। CAA के नियमों जारी होते ही अब अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाई समुदायों से आने वाले प्रवासियों के लिए भारत में नागरिकता पाने का रास्ता भी खुल गया है।

इसी के साथ अब मोदी सरकार बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से सताए गए गैर-मुस्लिम प्रवासियों - हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई - को भारतीय राष्ट्रीयता देना शुरू करेगी, जो 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए थे।

CAA दिसंबर 2019 में पारित हुआ था और बाद में इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन इसके खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। CAA विरोधी प्रदर्शनों या पुलिस कार्रवाई के दौरान 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।

अब तक कई बार एक्सटेंशन लेता रहा MHA

संसदीय कार्य नियमावली के अनुसार, किसी भी कानून के नियम राष्ट्रपति की मंजूरी के छह महीने के भीतर तैयार किए जाने चाहिए या सरकार को लोकसभा और राज्यसभा में अधीनस्थ विधान समितियों से विस्तार मांगना होगा। 2020 से गृह मंत्रालय नियम बनाने के लिए संसदीय समिति से नियमित अंतराल पर एक्सटेंशन लेता आ रहा था।

गृह मंत्रालय ने आवेदकों की सुविधा के लिए एक पोर्टल भी तैयार किया है, क्योंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। नागरिकता के लिए आवेदन करने वालों को वो साल बताना होगा, जब उन्होंने यात्रा दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश किया था।

क्या है CAA? मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले किया लागू, नागरिकता कानून को लेकर क्यों मचा था बवाल?

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