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चंद्रयान-3 की सफलता का क्रेडिट लेने के लिए मची होड़, केंद्रीय मंत्री बोले- ISRO की स्थापना करने वाले को मिलना चाहिए श्रेय, लेकिन...

कांग्रेस (Congress) ने कहा कि वह भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ही थे, जिन्होंने देश में अंतरिक्ष विज्ञान की आधारशिला रखी थी। सबसे पुरानी पार्टी ने अपने ट्वीट में बताया कि नेहरू के वैज्ञानिक नजरिए और सोच ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान की नींव रखी और चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की सफलता उनके शुरुआती प्रयासों के कारण है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 25, 2023 पर 4:06 PM
चंद्रयान-3 की सफलता का क्रेडिट लेने के लिए मची होड़, केंद्रीय मंत्री बोले- ISRO की स्थापना करने वाले को मिलना चाहिए श्रेय, लेकिन...
ISRO चीफ एस. सोमनाथ ने चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सफल सॉफ्ट लैंडिंग के बाद खुशी जाहिर करते हुए

चांद पर चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की सफल लैंडिंग (Soft Landing) के बाद से ही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच क्रेडिट लेने की होड़ मच गई है। दोनों की पार्टियां अपने-अपने कार्यकाल के दौरान ISRO के ज्यादा तकनीकि विकास दावा कर रही हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के एक बयान ने सबका ध्यान खींचा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना करने वाले को श्रेय दिया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि चंद्रयान की परिकल्पना बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधान मंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की थी।

अर्जुन राम मेघवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "जिसने भी ISRO की स्थापनी की थी, उसे इसका श्रेय बिल्कुल मिलना चाहिए, लेकिन चंद्रयान, पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सोच थी।"

मंत्री ने आगे कहा, "1999 में जब वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तब मून मिशन को सरकार की ओर से मंजूरी दी गई थी। दिवंगत प्रधान मंत्री ने वैज्ञानिकों से चंद्रमा का अध्ययन करने की अपनी योजना को आगे बढ़ाने का आग्रह किया था। इसके अलावा, उन्होंने मिशन का नाम भी 'सोमायान' से बदलकर 'चंद्रयान' कर दिया। क्या वाजपेयी जी को उचित श्रेय नहीं मिलना चाहिए?"

दरअसल गुरुवार को कांग्रेस ने कहा कि वह भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ही थे, जिन्होंने देश में अंतरिक्ष विज्ञान की आधारशिला रखी थी। सबसे पुरानी पार्टी ने अपने ट्वीट में बताया कि नेहरू के वैज्ञानिक नजरिए और सोच ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान की नींव रखी और चंद्रयान-3 की सफलता उनके शुरुआती प्रयासों के कारण है।

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