'युद्ध की तैयारी कर रहा चीन', अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हुई झड़प पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को चेताया

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा, भारत सरकार इवेंट-बेस्ड काम करती है। यह रणनीतिक काम नहीं करती है। वे एक इवेंट यहां करते हैं, और दूसरा इवेंट वहां करते हैं। लेकिन एक इवेंट-बेस्ड नजरिया भू-रणनीति में काम नहीं करता है, इसके लिए ताकत की जरूरत होती है

अपडेटेड Dec 16, 2022 पर 6:19 PM
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हुई झड़प पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को चेताया

तवांग सेक्टर (Tawang Sector) में भारत (India) और चीन के सैनिकों की झड़प (Clash) की घटना के बाद, कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि चीन (China) साफतौर से अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) और लद्दाख (Ladakh) दोनों तरफ युद्ध (War) की तैयारी कर रहा है और भारत सरकार जो गहरी नींद में है, इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर रही है।

राहुल गांधी ने कहा, "मैं पिछले दो और तीन सालों से यह कह रहा हूं। इससे साफ है कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है। सरकार साफ खतरे को छिपाने और अनदेखा करने की कोशिश कर रही है। लेकिन खतरे को न तो नजरअंदाज किया जा सकता है और न ही छिपाया जा सकता है, क्योंकि चीन पूरी तरह से युद्ध की तैयारी कर रहा है।”

राहुल ने कहा, “उनके हथियारों का पैटर्न देखें। उनकी तैयारी किसी घुसपैठ की नहीं, युद्ध की है। सरकार शायद इसे स्वीकार नहीं कर सकती।”


राहुल गांधी ने कहा, "भारत सरकार इवेंट-बेस्ड काम करती है। यह रणनीतिक काम नहीं करती है। वे एक इवेंट यहां करते हैं, और दूसरा इवेंट वहां करते हैं। लेकिन एक इवेंट-बेस्ड नजरिया भू-रणनीति में काम नहीं करता है, इसके लिए ताकत की जरूरत होती है।" उन्होंने कहा, "ये समझना बेहद जरूरी है कि क्या हो रहा है।"

राहुल गांधी ने कहा, "उनके भाषण आते हैं। विदेश मंत्री अक्सर बयान देते हैं। मुझे यह नहीं कहना चाहिए, लेकिन शायद उन्हें अपनी समझ का विस्तार करना चाहिए।"

राहुल ने कहा, "प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले, मैंने एक कांग्रेस नेता से बात की कि मुझसे कोई भी चीन के बारे में कोई सवाल नहीं पूछेगा। वे मुझसे हर चीज के बारे में पूछेंगे- सचिन पायलट, अशोक गहलोत, चुनाव, लेकिन चीन पर कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा।" राहुल गांधी ने कहा, "हां, अब जब मैंने यह कह दिया है, तो आप निश्चित रूप से पूछेंगे।"

उत्तरी सीमा पूरी तरह सुरक्षित- सेना

वहीं थलसेना की पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने शुक्रवार को कहा कि देश की उत्तरी सीमा से सटे सीमा क्षेत्रों में 'स्थिरता' है और वहां भारतीय सशस्त्र बलों का 'मजबूत नियंत्रण' है।

अरुणाचल प्रदेश में तवांग शहर के उत्तर-पूर्व में स्थित सीमावर्ती क्षेत्र यांगत्से में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के एक हफ्ते बाद कलिता ने यह बात कही। इस क्षेत्र पर चीन की सेना ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ (PLA) ने 1962 में भी हमला किया था।

कलिता ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अलग-अलग बिंदुओं को लेकर दोनों देशों की सेनाओं की अलग-अलग अवधारणाएं हैं और इनमें से आठ क्षेत्रों की दोनों पक्षों ने पहचान की है।

उन्होंने कहा कि PLA ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में इनमें से एक क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की, जिसका भारतीय बलों ने 'बहुत मजबूती से जवाब' दिया।

पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी), लेफ्टिनेंट जनरल कलिता ने कहा, "वर्तमान में, हम सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उत्तरी सीमा से लगते सीमा क्षेत्रों में स्थिरता है और हमारा मजबूत नियंत्रण है।"

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उन्होंने ये भी बताया कि दोनों पक्षों के सैनिकों को कुछ मामूली चोटें आईं। उन्होंने कहा कि स्थानीय कमांडरों ने मौजूदा प्रोटोकॉल के जरिए बातचीत कर इस मुद्दे को हल कर लिया।

पूर्वी सैन्य कमांडर ने कहा, "कुछ हिंसा हुई, लेकिन मौजूदा द्विपक्षीय तंत्र और प्रोटोकॉल का सहारा लेते हुए इसे स्थानीय स्तर पर नियंत्रित किया गया।" उन्होंने कहा कि इसके बाद बुमला में एक ‘फ्लैग मीटिंग’ हुई, जिसमें इस मुद्दे को और अधिक सुलझाया गया।

दरअसल 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय सेना के जवानों और चीनी सैनिकों में भिड़ंत हो गई थी, जिसमें भारतीय सैनिकों ने चीनी पक्ष वापस खदेड़ कर करारा जवाब दिया था।

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