कांग्रेस नेता दानिश अली ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के स्मारक के लिए जमीन को मंजूर करने को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। अली ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "मोदी सरकार ने मौत पर घिनौनी राजनीति करते हुए मनमोहन सिंह के लिए राजघाट स्मारक स्थली पर जगह की समूचे देश की मांग ठुकराते हुए प्रणब मुखर्जी के स्मारक के लिए उसी जगह पर जमीन दे दी है। यह एक निम्न स्तर की राजनीति है और देश में आर्थिक क्रांति लाने वाले प्रधानमंत्री का घोर अपमान है।"
पूर्व लोकसभा सांसद अली ने 2018 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी के शामिल होना का भी जिक्र किया। अपने दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा, "सरकार का यह फ़ैसला प्रणब मुखर्जी को उनके संघ प्रेम के लिए उपहार भी है।"
उन्होंने आगे लिखा, "प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर मुख्यालय में शीश नवा कर संघ संस्थापक हेडगेवार को धर्तिपुत्र की उपाधि से नवाजा था। मुखर्जी ने संसद भवन में सावरकर का चित्र लगवाने में भी अहम भूमिका निभायी थी।"
2018 में RSS के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा था, "धर्मनिरपेक्षता और समावेशिता हमारे लिए आस्था का विषय है। भारत की राष्ट्रीयता एक भाषा, एक धर्म, एक राष्ट्र नहीं है।"
राजघाट पर बनेगा प्रणब मुखर्जी का स्थल
दरअसल केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्मृति क्षेत्र परिसर में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का एक स्मारक बनाने का निर्णय लिया है। मुखर्जी का 31 अगस्त 2020 को निधन हो गया था।
पूर्व राष्ट्रपति की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और अपने पिता को सम्मानित करने के लिए PM का शुक्रिया अदा किया।
शर्मिष्ठा ने X पर एक पोस्ट में कहा, "माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और बाबा (प्रणब) के लिए स्मारक बनाने संबंधी उनकी (मोदी) सरकार के फैसले के लिए तहे दिल से शुक्रिया अदा किया और आभार जताया। यह इसलिए भी ज्यादा अहम है, क्योंकि हमने इसके लिए कहा ही नहीं था।"
शर्मिष्ठा ने प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए X पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री के इस अप्रत्याशित, लेकिन वास्तव में उदार भाव से मैं बहुत अभिभूत हूं।"
उन्होंने कहा, "बाबा कहा करते थे कि राजकीय सम्मान मांगा नहीं जाना चाहिए, बल्कि यह प्रदान किया जाना चाहिए। मैं बहुत आभारी हूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा की स्मृति का सम्मान करने के लिए ऐसा किया।"