आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। शहीद-ए-आजम भगत सिंह के गांव खटकर कलां में यह शपथ ग्रहण समारोह हुआ। इससे पहले कांग्रेस सांसद और पूर्व मंत्री मनीष तिवारी का एक ट्वीट सामने आया, जिसमें उन्होंने मान के शपथ ग्रहण समारोह के निमंत्रण पत्र की तस्वीर पोस्ट की है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने निमंत्रण पत्र की तस्वीर शेयर की, और लिखा कि यह विडंबना है कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के शपथ ग्रहण में आमंत्रित नहीं किया गया था, हालांकि, वह मेरे विधायकों में से ही एक थे।
उन्होंने आगे आमंत्रण के लिए भगवंत मान को धन्यवाद दिया और संसद के चल रहे सत्र के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने के लिए माफी भी मांगी।
तिवारी ने ट्वीट में लिखा, "मैं भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई देता हूं। मुझे उनके शपथ ग्रहण में आमंत्रित करने के लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं। संसद का सत्र होने के कारण मैं शामिल नहीं हो पाऊंगा। यह विडंबना है कि मुझे चरणजीत सिंह चन्नी के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था। हालांकि, वह मेरे विधायकों में से ही एक थे।"
G-23 का हिस्सा हैं मनीष तिवारी
गौरतलब है कि तिवारी कांग्रेस के बागी नेताओं के समूह 'G-23' का हिस्सा हैं, जो पार्टी में सुधार की मांग कर रहे हैं। 2020 में तिवारी, कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा, गुलाम नबी आजाद और दूसरे बड़े नेताओं ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर बदलाव की मांग की थी।
पत्र में लिखा गया था, "संगठन का अति-केंद्रीकरण और माइक्रो मैनेजमेंट हमेशा काउंटर प्रोडक्टिव साबित हुआ है। पार्टी ने 2014 और 2019 में लगातार चुनावी नतीजों में लगातार गिरावट देखी है और इसके पीछ कई बड़े कारण थे।"
दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पंजाब में भगवंत मान के मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इन नेताओं ने मान की अपील के मुताबिक, सिर पर पीली पगड़ी भी पहनी थी, जिसे मान ने भगत सिंह को एक श्रद्धांजलि की रूप में बताया था।