Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी कांग्रेस, AAP से तोड़ा नाता

Delhi Assembly Election 2024: कांग्रेस की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने फैसला किया है कि वह विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। हम विभिन्न कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं, चाहे वह संगठन को मजबूत करना हो या जनता से जुड़ने का कार्यक्रम हो। 'दिल्ली जोड़ो यात्रा' इन कार्यक्रमों के तहत निकाली जाएगी

अपडेटेड Jul 31, 2024 पर 7:23 PM
Delhi Assembly Election 2024: दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-AAP एक दूसरे पर वार करते नजर आएंगे

Delhi Assembly Election 2025: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में I.N.D.I.A. गठबंधन टूट गया है। कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ते हुए दिल्ली में अकेले विधानसभा चुनाव 2025 लड़ने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा है कि पार्टी आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ गठबंधन के कारण कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में नुकसान हुआ है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) प्रमुख यादव ने मंगलवार (31 जुलाई) को पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पार्टी शहर में लोगों तक पहुंच बनाने के लिए 'भारत जोड़ो यात्रा' की तर्ज पर 'दिल्ली जोड़ो यात्रा' निकालने की भी योजना बना रही है। यादव ने कहा, "गठबंधन (AAP के साथ) देश के व्यापक हित में किया गया था, लेकिन अब जब हमने इसका मूल्यांकन किया है, तो हमें लगता है कि इससे कहीं न कहीं हमें नुकसान हुआ है।"

'दिल्ली जोड़ो यात्रा' निकालेगी कांग्रेस


उन्होंने कहा, "लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने फैसला किया है कि वह विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। हम विभिन्न कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं, चाहे वह संगठन को मजबूत करना हो या जनता से जुड़ने का कार्यक्रम हो। 'दिल्ली जोड़ो यात्रा' इन कार्यक्रमों के तहत निकाली जाएगी।' यादव ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस 'भारत जोड़ो यात्रा' और 'न्याय यात्रा' की तर्ज पर इस यात्रा की तैयारी कर रही है और यह जल्द ही शुरू होगी।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा में शामिल होने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "इसमें शामिल होने के लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं को निश्चित रूप से आमंत्रित किया जाएगा।"

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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़ने वाले पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली और अन्य नेताओं के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा, "जब वह (लवली) BJP में शामिल हुए तो एक ऐसी धारणा बनाई गई जिसके कारण लोकसभा चुनाव में हार हुई। लेकिन आज जब हम अपने संगठन और अपने कार्यकर्ताओं को देखते हैं तो हमें लगता है कि आगामी चुनावों में पार्टी छोड़ने वालों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।"

दिल्ली में समर्थन बढ़ने का दावा

यादव ने कहा कि कि शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने 15 साल तक सत्ता में रहते हुए शहर में विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य किये। उन्होंने कहा, "उस समय सभी ने दिल्ली को बदलते देखा था। चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, सामाजिक सुरक्षा हो या व्यक्तिगत, हर व्यक्ति को उसका अधिकार मिला।" उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें लगता है कि पार्टी के प्रति जनता का समर्थन बढ़ा है। दिल्ली कांग्रेस प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी समावेशी विकास में विश्वास करती है और उसने हमेशा पिछड़ों और दलितों की बेहतरी के लिए काम किया है।

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