दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एलजी ने बुधवार को भ्रष्टाचार के आरोप में तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया। उप राज्पाल वी.के. सक्सेना (Delhi LG VK Saxena) ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Kejriwal) के कार्यालय में कार्यरत एक उप सचिव और दो सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया है।
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर तैनात प्रकाश चंद्र ठाकुर, वसंत विहार के एसडीएम हर्षित जैन और विवेक विहार के एसडीएम देवेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। इस सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई उपराज्यपाल सक्सेना की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टिलेज की नीति को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि उप राज्यपाल ने सोमवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण के दो सहायक इंजीनियरों को कालकाजी एक्सटेंशन में EWS फ्लैट के निर्माण में खामी पाए जाने पर निलंबित कर दिया था।
इस बीच दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर राष्ट्रीय राजधानी में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा किए जा रहे कार्यों को रोकने के लिए निराधार शिकायतें दर्ज कराने का आरोप लगाया है। साथ में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना पर बीजेपी का पक्ष लेने के लिए कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
सक्सेना ने कोविड-19 महामारी के दौरान दिल्ली में 7 अस्थायी अस्पतालों के निर्माण में अनियमितताओं के आरोपों की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) से जांच कराने की हाल में स्वीकृति दी थी, जिसके कुछ दिन बाद सिसोदिया ने यह टिप्पणी की।
सिसोदिया ने LG पर बोला हमला
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं द्वारा दी गई फर्जी शिकायतों के आधार पर एसीबी जांच का आदेश देने के लिए सक्सेना ने 'सभी कानूनों और नियमों को एक तरफ रख दिया' है। उन्होंने कहा कि हम कट्टर ईमानदार सरकार हैं और हम किसी जांच से नहीं डरते। विभिन्न क्षेत्रों में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को रोकने के लिए बीजेपी दिल्ली ऐसी शिकायतें दर्ज करा रही है।’
उन्होंने प्रेस कॉन्फेंस के दौरान कहा कि यह 2021 की एक पुरानी शिकायत है और पूर्व उपराज्यपाल अनिल बैजल ने इसे खारिज कर दिया था। बहरहाल, नए उप राज्यपाल ने मामले की जांच की मंजूरी दे दी है। सिसोदिया ने पूछा कि किसके दबाव में नए उपराज्यपाल ने एक साल पुरानी शिकायत के आधार पर इस जांच को मंजूरी दी है जब अनिल बैजल ने उसी शिकायत को 'निराधार' करार दिया था।