Maharashtra Political Crisis: बागी विधायकों की आड़ में शिवसेना छीनना है एकनाथ शिंदे का मिशन, जानिए महाराष्ट्र संकट से जुड़ी 10 बड़ी खबरें

Maharashtra में उद्धव सरकार का जाना अब लगभग तय हो गया है। एकनाथ शिंदे को दलबदल कानून से बचते हुए उद्धव सरकार गिराने के लिए शिवसेना के 37 विधायक चाहिए, फिर भी वो रुक नहीं रहे हैं। वो लगातार बागियों के डेरे में लगातार शिवसेना विधायकों को जोड़ते जा रहे हैं

अपडेटेड Jun 23, 2022 पर 11:30 AM
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एकानाथ शिंदे ने दावा किया कि उनके पास 46 विधायकों विधायकों का समर्थन है

Maharashtra Political Crisis LIVE Updates: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और बगावती तेवर अपनाने वाले शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना किसकी होगी इसे लेकर एकनाथ शिंदे और ठाकरे परिवार के बीच जंग के संकेत मिलने लगे हैं। एकनाथ शिंदे ने नया मुख्य सचेतक भरत गोगावले की नियुक्त कर साफ कर दिया है कि असली शिवसेना तो उनके पास है। पार्टी के ज्यादातर विधायक भी तो उनके पास हैं।

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अपील के बावजूद शिवसेना विधायकों के पाला बदलने का सिलसिला अब भी जारी ही है। गुरुवार सुबह 3 और विधायक बागी खेमे में शामिल होने के लिए असम के गुवाहाटी पहुंच गए हैं। इससे पहले बुधवार को 4 और विधायक गुवाहाटी में शिंदे गुट से जा मिले थे। शिंदे को दल-बदल कानून से बचने के लिए सिर्फ 37 विधायकों की ही जरुरत है। ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि पार्टी पर उनकी पूरी तरह पकड़ हो चुकी है।


अब तक की 10 बड़ी बातें

- महाराष्ट्र के 4 विधायकों के साथ एक और चार्टर्ड विमान बुधवार को गुवाहाटी पहुंचा। 4 विधायक- चंद्रकांत पाटिल, योगेश कदम, मंजुला गावित और गुलाबराव पाटिल गुजरात के सूरत से महाराष्ट्र के उन अन्य विधायकों की तरह गुवाहाटी पहुंचे, जो एकनाथ शिंदे के साथ यहां आए थे। गावित और चंद्रकांत पाटिल निर्दलीय विधायक हैं, जबकि कदम और गुलाबराव पाटिल शिवसेना विधायक हैं।

- सूत्रों ने बताया कि ये चारों विधायक बुधवार को सूरत पहुंचे थे और बाद में उन्होंने गुवाहाटी के लिए उड़ान भरी। गुलाबराव पाटिल, उद्धव ठाकरे नीत महाराष्ट्र सरकार में जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री हैं। वह बागवानी मंत्री संदीपल भुमरे के बाद शिंदे के खेमे में शामिल होने वाले दूसरे कैबिनेट मंत्री हैं।

- महाराष्ट्र के बागी विधायकों का एक समूह शिंदे के नेतृत्व में बुधवार सुबह गुवाहाटी पहुंचा। उन्हें मंगलवार को मुंबई से सूरत ले जाया गया था और बुधवार तड़के उन्हें गुवाहाटी भेज दिया गया। सुबह पहुंचे विधायकों में एक नितिन देशमुख कुछ घंटे बाद एक चार्टर्ड विमान से नागपुर रवाना हो गए। देशमुख ने बाद में कहा कि वह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ हैं।

- शिवसेना के 3 और विधायक बागी खेमे में शामिल होने के लिए गुरुवार सुबह असम के गुवाहाटी के लिए रवाना हो गए। दीपक केसकर (सावंतवाड़ी से विधायक), मंगेश कुडलकर (चेंबूर) और सदा सर्वंकर (दादर) ने मुंबई से गुवाहाटी के लिए सुबह की उड़ान भरी।

- एकनाथ शिंदे खेमे के पास अब 36 विधायक (पार्टी के 55 विधायकों में से) हैं। ऐसे में दलबदल विरोधी कानूनों के तहत अयोग्यता का सामना किए बिना पार्टी को विभाजित करने के लिए शिदें को अब सिर्फ एक और विधायक की जरूरत है। 5 निर्दलीय विधायक भी शिंदे के साथ हैं।

- महाराष्ट्र में जारी सियायी उथल-पुथल के बीच एकनाथ शिंदे की बगावत की पृष्ठभूमि में पद छोड़ने की पेशकश करने के कुछ ही घंटे बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बुधवार रात मुख्यमंत्री आवास वर्षा छोड़कर अपने पारिवारिक आवास मातोश्री चले गए।

- मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ छोड़ते वक्त शिवसेना नेता नीलम गोरहे और चन्द्रकांत खैरे आदि वहां मौजूद थे। ठाकरे रात करीब 9:50 बजे पत्नी रश्मी ठाकरे, बेटे एवं कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे और तेजस ठाकरे के साथ जब ‘वर्षा’ से ‘मातोश्री’ के लिए निकले तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके पक्ष में नारेबाजी की और उनपर पुष्पवर्षा की।

- सैकड़ों की संख्या में शिवसैनिक मालाबार हिल्स स्थित ‘वर्षा’ से लेकर बांद्रा स्थित ‘मातोश्री’ तक खड़े थे। उनके हाथों में तख्तियां, पार्टी के झंडे थे और वे नम आंखों से उद्धव ठाकरे जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।

- ठाकरे रास्ते में अपने बेटे एवं राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे के विधानसभा क्षेत्र वर्ली में कार से बाहर निकले और फिर मातोश्री के पास भी बाहर निकलकर उन्होंने शिवसेना कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। ‘वर्षा’ से रवाना होने से पहले ठाकरे ने विधायकों और सांसदों से भेंट भी की।

- शिंदे गुट ने 34 विधायकों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भेजा है। चिट्ठी में कहा गया है कि एकनाथ शिंदे ही शिवसेना विधायक दल के नेता हैं। भरत गोगावले को नया चीफ व्हिप चुन लिया गया है। शिव सेना ने मंगलवार को शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया था।

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