ED Raid: हरियाणा में कांग्रेस विधायक के घर ED की छापेमारी! 4 लग्जरी कार, सोने के गहने और नकदी जब्त

ED Raid: हालिया कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून की आपराधिक धाराओं के तहत की गई। केंद्रीय जांच एजेंसी ने समालखा, गुरुग्राम और दिल्ली में 11 स्थान पर छापे मारे। ED ने बताया कि 'साई आइना फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड' ने दिल्ली के पास गुरुग्राम के सेक्टर-68 में मकान उपलब्ध कराने का वादा करते हुए किफायती आवास योजना के तहत 1,497 घर खरीदारों से लगभग 360 करोड़ रुपये कथित रूप से एकत्र किए थे, लेकिन वह मकान मुहैया नहीं करा पाई

अपडेटेड Jul 31, 2023 पर 4:43 PM
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ED ने आरोप लगाया कि छोकर एवं उनके बेटे और अन्य प्रमुख कर्मचारी छापेमारी के दौरान मौजूद नहीं थे

Money Laundering Case: मकान खरीदने वालों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कांग्रेस नेता एवं हरियाणा के विधायक धर्म सिंह छोकर (Congress MLA Dharam Singh Chhoker) और उनके स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली कंपनियों से जुड़े परिसरों पर छापेमारी के दौरान 4 लग्जरी कार, 14.5 लाख रुपये के आभूषण और 4.5 लाख रुपये नकद राशि जब्त की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को यह जानकारी दी। छोकर हरियाणा के पानीपत जिले की समालखा सीट से विधायक हैं।

ऐसा बताया जा रहा है कि 59 वर्षीय विधायक और उनके बेटे सिकंदर सिंह एवं विकास छोकर माहिरा रियल एस्टेट ग्रुप के मालिक एवं प्रमोटर हैं। ED ने एक बयान में बताया कि इससे पहले 25 जुलाई को भी छोकर, 'साईं आइना फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड' (वर्तमान में माहिरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड) और माहिरा ग्रुप की अन्य कंपनियों एवं कुछ अन्य आरोपियों से जुड़े परिसरों पर छापे मारे गए थे।

बयान के मुताबिक, हालिया कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून की आपराधिक धाराओं के तहत की गई। केंद्रीय जांच एजेंसी ने समालखा, गुरुग्राम और दिल्ली में 11 स्थान पर छापे मारे। ED ने बताया कि 'साई आइना फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड' ने दिल्ली के पास गुरुग्राम के सेक्टर-68 में मकान उपलब्ध कराने का वादा करते हुए किफायती आवास योजना के तहत 1,497 घर खरीदारों से लगभग 360 करोड़ रुपये कथित रूप से एकत्र किए थे, लेकिन वह मकान मुहैया नहीं करा पाई।


इस मामले में 'साई आइना फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस ने धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप में FIR दर्ज की थी। प्रवर्तन निदेशालय का मामला इसी FIR पर आधारित है। ED ने कहा, "मकान खरीदने वाले लोग माहिरा ग्रुप के खिलाफ एक साल से प्रदर्शन/धरना कर रहे हैं और वादे के मुताबिक उन्हें जल्द से जल्द घर मुहैया कराए जाने की मांग कर रहे हैं।"

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एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि छोकर एवं उनके बेटे और अन्य प्रमुख कर्मचारी छापेमारी के दौरान मौजूद नहीं थे। उन्होंने अभी तक जांच में कोई सहयोग नहीं दिया है। संघीय एजेंसी ने बताया कि छापेमारी के दौरान चार लग्जरी कार (करीब 4 करोड़ रुपए कीमत की), 14.5 लाख रुपए के गहने, 4.5 लाख रुपए नकदी और घर खरीदारों के धन की हेराफेरी से संबंधित साक्ष्य जब्त किए गए हैं।

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