Chandrayaan-3 update: ऑस्ट्रेलियाई समुद्र तट पर बहकर आई एक रहस्यमय वस्तु की पहचान भारतीय रॉकेट के मलबे के रूप में की गई है। चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिंग के कुछ दिनों बाद ऑस्ट्रेलिया के समुद्र तट पर एक रहस्यमयी वस्तु पाया गया था जो दुनियाभर के वैज्ञानिकों के बीच चर्चा का विषय बन गया था। उस वक्त आशंका व्यक्त की गई थी ये वस्तु चंद्रयान-3 से जुड़ा मलबा हो सकता है। हालांकि, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने इसे खारिज कर दिया था। इस बीच, अब ऑस्ट्रेलिया की अंतरिक्ष एजेंसी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि समुद्र तट पर मिली रहस्यमयी वस्तु का संबंध भारत से ही है।
हालांकि, स्पेस एजेंसी ने चंद्रयान का मलबा होने से इनकार किया है। ऑस्ट्रेलियन स्पेस एजेंसी की तरफ से कहा गया है कि यह वस्तु चंद्रयान 3 से जुड़ा नहीं है, बल्कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो की तरफ से लॉन्च किए गए पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) का मलबा है। एक बयान में कहा गया है कि यदि किसी को कोई और संदिग्ध मलबा दिखाई देता है तो उन्हें इसकी सूचना स्थानीय अधिकारियों को देनी चाहिए। साथ ही ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी को सूचित करना चाहिए।
भारी बार्नेकल से सजे सिलेंडर को पहली बार जुलाई के मध्य में पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में पर्थ के उत्तर में दो घंटे की ड्राइव पर एक तटीय क्षेत्र, सुदूर ज्यूरियन खाड़ी के पास देखा गया था। शौकिया जासूसों ने ऑनलाइन अनुमान लगाया कि यह वस्तु सैन्य मूल की हो सकती है या मलेशियाई एयरलाइंस की उड़ान MH370 के लापता होने से भी जुड़ी हो सकती है।
लेकिन ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा है कि उसने निष्कर्ष निकाला है कि यह वस्तु पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) के तीसरे चरण का मलबा है। एजेंसी ने कहा कि PSLV भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो का मध्यम भार का लॉन्च व्हीकल है।
ऑस्ट्रेलिया की अंतरिक्ष एजेंसी ने सोमवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए सिलसिलेवार ट्वीट में लिखा, 'पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में ज्यूरियन खाड़ी के पास समुद्र तट पर बहकर आई वस्तु संभवतः भारत के PSLV के तीसरे चरण का मलबा है।'
ऑस्ट्रेलियाई एजेंसी ने आगे लिखा कि मलबे को सुरक्षित रखा गया है और वो इसरो के साथ मिलकर इसके उचित निपटान के लिए काम कर रही है।
रहस्यमयी वस्तु लगभग दो मीटर (6 फीट) ऊंची है और ऊपर से केबल लटक रही है। ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि दोनों देशों के अधिकारी संयुक्त राष्ट्र अंतरिक्ष संधियों के तहत दायित्वों पर विचार करने सहित अगले कदमों को निर्धारित करने के लिए और अधिक पुष्टि प्रदान करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया ने खुद को अंतरिक्ष कबाड़ के लिए लैंडिंग ग्राउंड पाया है। इससे पहले पिछले साल अगस्त में न्यू साउथ वेल्स में एक भेड़ किसान को एलॉन मस्क के स्पेसएक्स मिशन में से एक का जला हुआ टुकड़ा उसके बाड़े से बाहर निकला हुआ मिला था।