Electoral Bond Data: इन बड़ी कंपनियों ने राजनीतिक पार्टियों को दिया भर-भर के चंदा, देखें पूरी लिस्ट

Electoral Bond Data: चुनावा आयोग की तरफ से शेयर किए गए डेटा से 12 अप्रैल, 2019 के बाद से 1,000 रुपए से लेकर 1 करोड़ रुपए तक की कीमत के इलेक्टोरल बॉन्ड की खरीद का खुलासा हुआ है। न सिर्फ कंपनी या संस्था ने बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी लोगों ने बॉन्ड के जरिए राजनीतिक पार्टियों को खूब चंदा दिया है, जानें किस बड़ी कंपनी और बिजनेसमैन ने दिया दान

अपडेटेड Mar 15, 2024 पर 12:51 AM
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Electoral Bond Data: इन बड़ी कंपनियों ने राजनीतिक पार्टियों को दिया भर-भर के चंदा

Electoral Bond Data: चुनाव आयोग (EC) ने बृहस्पतिवार को इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bond) के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए। सुप्रीम कोर्ट (SC) के निर्देश के बाद, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 12 मार्च को आयोग के साथ आंकड़े साझा किये थे। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को उसकी वेबसाइट पर आंकड़े अपलोड करने के लिए 15 मार्च शाम पांच बजे तक का समय दिया था। चुनाव आयोग ने दो सेट के जरिए ये सब जानकारी साझा की हैं।

पोल पैनल ने 'SBI की ओर से पेश किए गए इलेक्टोरल बॉन्ड का डिस्क्लोजर' के नाम से दो हिस्सों में डेटा जारी किया है। पहले भाग में राजनीतिक दलों की लिस्ट के साथ-साथ उन्हें मिलने वाली रकम का आंकड़ा शामिल है। दूसरे में उन सभी कंपनियों के नाम हैं, जिन्होंने बॉन्ड खरीदे हैं। हालांकि, डेटा में चंदा देने वाले और चंदा लेने वाले के बीच कोई संबंध नहीं दिखता है।

EC की ओर से जारी की गई लिस्ट में कई प्रमुख कंपनियों और बड़े बिजनेसमैन के नाम शामिल हैं।


इन बड़ी कंपनियों के नाम:

  • अपोलो टायर्स
  • बजाज ऑटो
  • बजाज फाइनेंस
  • भारती एयरटेल
  • सिप्ला लिमिटेड
  • डीएलएफ कमर्शियल डेवलपर्स लिमिटेड
  • डॉ रेड्डीज़ लेबोरेटरीज लिमिटेड
  • एडलवाइज
  • फिनोलेक्स केबल्स
  • फोर्स मोटर्स
  • ग्रासिम इंडस्ट्रीज
  • आईनॉक्स एयर उत्पाद
  • इंटरग्लोब रियल एस्टेट
  • Keventer
  • लक्ष्मी मित्तल
  • मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर
  • मुथूट फाइनेंस
  • PVR
  • रेडिको खेतान
  • सुला वाइनयार्ड्स
  • सन फार्मा
  • टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स
  • वेलस्पन एंटरप्राइजेज

आंकड़ों के मुताबिक इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bond) भुनाने वाली पार्टियों में भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस (Congress), AIDMK, BRS, शिवसेना, TDP, YSR कांग्रेस, DMK, JDS, NCP, तृणमूल कांग्रेस (TMC), JDU, RJD, AAP और समाजवादी पार्टी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट के पांच-जजों की संविधान पीठ ने 15 फरवरी को दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले में बेनाम राजनीतिक फंडिग की इजाजत देने वाली केंद्र की इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को रद्द कर दिया था।

शीर्ष अदालत ने इसे “असंवैधानिक” कहा था और चुनाव आयोग को दानदाताओं, उनकी ओर से दान की गई राशि और चंदा लेने वाली राजनीतिक पार्टियों का खुलासा करने का आदेश दिया था।

Electoral Bond Data: आ गया इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा, कई बड़ी कंपनियों और पार्टियों के नाम आए सामने, EC ने किया जारी

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